Automobile Desk : देश की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनी Maruti Suzuki के लिए यह साल खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। अगस्त महीने में कंपनी के शोरूम्स पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिली, जिसकी बदौलत बिक्री के आंकड़ों में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले आई इस तेजी से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में जबरदस्त रौनक लौट आई है। घरेलू बाजार में ग्राहकों की पहली पसंद बनकर उभरी मारुति सुजुकी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय सड़कों पर उसका दबदबा पूरी तरह कायम है।

कंपनी की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में मारुति की कुल बिक्री में 21.3 प्रतिशत की जोरदार बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान कंपनी ने कुल 2,19,220 गाड़ियां बेची हैं। अगर पिछले साल के इसी महीने से तुलना करें, तो तब यह आंकड़ा 1,80,683 यूनिट्स का था। यानी महज एक साल के भीतर कंपनी की गाड़ियों की मांग में भारी इजाफा दर्ज किया गया है।
बिक्री के इस शानदार प्रदर्शन में सबसे बड़ा योगदान भारतीय घरेलू बाजार का रहा। देश के भीतर मारुति की गाड़ियों को खरीदने के लिए लोगों में होड़ सी दिखाई दी। अगस्त के महीने में कमर्शियल वाहनों को मिलाकर कुल घरेलू बिक्री 1,80,078 यूनिट्स तक पहुंच गई, जो पिछले साल अगस्त में बेची गई 1,34,050 गाड़ियों के मुकाबले 34.3 फीसदी अधिक है।
पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की बात करें तो यहां भी मारुति का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा। कंपनी ने अगस्त में 1,76,971 पैसेंजर कारें बेचीं, जो पिछले साल की 1,31,278 कारों की तुलना में 34.8 प्रतिशत की सीधी बढ़त दर्शाती है। भारतीय ग्राहकों के बीच स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल यानी SUV की दीवानगी लगातार बढ़ रही है और मारुति को इसका भरपूर फायदा मिला है। SUV और यूटिलिटी सेगमेंट में कंपनी की बिक्री 46.3 प्रतिशत बढ़कर 79,045 यूनिट्स हो गई। ब्रेजा, अर्टिगा, फ्रोंक्स, ग्रैंड विटारा और जिम्नी जैसे मॉडल्स को भारतीय परिवार खूब पसंद कर रहे हैं।
दूसरी ओर, हैचबैक और कॉम्पैक्ट सेगमेंट ने भी बिक्री के आंकड़ों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। एंट्री-लेवल कारें जैसे ऑल्टो और एस-प्रेसो की बिक्री 6,853 यूनिट्स से बढ़कर 8,799 यूनिट्स पर पहुंच गई। वहीं स्विफ्ट, बलेनो, डिजायर और वैगन-आर जैसी लोकप्रिय गाड़ियों की मांग में भी जोरदार उछाल देखा गया। इस पूरे सेगमेंट की बिक्री 59,597 यूनिट्स से बढ़कर 77,166 यूनिट्स दर्ज की गई, जिससे यह साफ होता है कि मिड-रेंज कारों की मांग अभी भी बेहद मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार यानी एक्सपोर्ट के मोर्चे पर कंपनी को थोड़ी सुस्ती का सामना करना पड़ा। अगस्त में विदेश भेजे जाने वाले वाहनों की संख्या में 7.4 प्रतिशत की गिरावट आई। मारुति ने इस दौरान 33,844 यूनिट्स का एक्सपोर्ट किया, जबकि बीते साल इसी महीने 36,538 गाड़ियां बाहर भेजी गई थीं। इसके बावजूद, चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों (अप्रैल से अगस्त) का ओवरऑल एक्सपोर्ट 14.2 फीसदी बढ़कर 1,88,636 यूनिट्स के आंकड़े को छू चुका है।
मारुति सुजुकी ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) के शुरुआती पांच महीनों में कुल 11,43,365 गाड़ियां बेचकर 11 लाख का आंकड़ा पार कर लिया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में 8,89,070 यूनिट्स था। गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों से ठीक पहले आई यह तेजी ऑटो सेक्टर के लिए काफी सकारात्मक संकेत दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में गाड़ियों की यह मांग और भी ज्यादा रफ्तार पकड़ेगी।



