भुवनेश्वर: ओडिशा की मोहन चरण माझी सरकार ने राज्य के कर्मचारियों और व्यवसायियों को बड़ी राहत देते हुए लगभग ढाई दशक से चले आ रहे ‘प्रोफेशनल टैक्स’ (वृत्ति कर) को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया है। राज्यपाल हरिबाबू कंभमपाटी ने संविधान के अनुच्छेद 213(1) के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए एक विशेष अध्यादेश के जरिए इस टैक्स को खत्म करने की मंजूरी दी है।
21 अप्रैल को ‘ओडिशा राज्य प्रोफेशनल टैक्स (उन्मूलन) अध्यादेश – 2026’ का गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। प्रोफेशनल टैक्स खत्म करने का यह नियम 1 अप्रैल 2026 से पिछले प्रभाव से लागू होगा। यानी चालू वित्त वर्ष की शुरुआत से ही किसी भी कर्मचारी के वेतन से यह टैक्स नहीं काटा जाएगा।

वित्त विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि अप्रैल माह के वेतन से प्रोफेशनल टैक्स की कटौती न की जाए। सभी डीडीओ (DDO) को इस नियम का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। ओडिशा में साल 2000 से ‘ओडिशा एक्ट 7’ के तहत यह टैक्स वसूला जा रहा था, जिसे अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है।
कानून रद्द होने के बावजूद, 1 अप्रैल 2026 से पहले की अवधि के लिए पुराने नियम प्रभावी रहेंगे। यदि किसी का पुराना टैक्स बकाया है या कोई कानूनी जांच चल रही है, तो वह प्रक्रिया जारी रहेगी। राज्य सरकार के इस कदम का उद्देश्य नियोक्ताओं और कर्मचारियों पर वित्तीय बोझ को कम करना है। इस निर्णय से राज्य के हजारों वेतनभोगी कर्मचारियों और छोटे व्यवसायियों को सीधा लाभ मिलेगा
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