प्रमोद कुमार/मोहनिया/ कैमूर। जिले के मोहनिया में एनएच-19 स्थित परिवहन विभाग के वाहन जांच केंद्र के समीप चल रहे अवैध वसूली के एक बड़े रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। एसडीपीओ गोपाल कृष्णा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरी कार्रवाई का खुलासा किया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
एसडीपीओ ने जानकारी दी कि पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि एनएच-19 पर वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है। निर्देश मिलते ही डीएसपी ट्रैफिक के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से परिवहन विभाग के जांच केंद्र के पास स्थित दो संदिग्ध झोपड़ियों पर दबिश दी।
रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से ही 9 लोगों को ट्रकों से अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) के 4 जवान शामिल हैं, जो अपनी वर्दी की आड़ में इस काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे। इनके साथ 5 आम नागरिक भी पकड़े गए, जो मुख्य रूप से सड़कों पर बैरियर लगाने और हटाने का काम करते थे।
पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि ये सिविलियन पिछले काफी समय से इस रैकेट का हिस्सा थे। उन्हें अवैध वसूली के इस काम के लिए प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जाती थी। वे महीने में करीब 20 से 25 दिन सक्रिय रहकर ट्रकों को रोककर जबरन पैसे वसूलते थे।
नकदी और मोबाइल जब्त
पुलिस ने मौके से अवैध वसूली के 57,760 रुपये नकद और 9 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। सख्ती से पूछताछ करने पर भी आरोपी वसूली के संबंध में कोई वैध कागजात या संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पुलिस ने इस मामले में तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
एसडीपीओ गोपाल कृष्णा ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अब यह जांच की जा रही है कि इस रैकेट में परिवहन विभागया अन्य किसी उच्चाधिकारी की मिलीभगत तो नहीं है। फिलहाल सभी 9 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग की छवि सुधारने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

