सोहराब आलम, मोतिहारी। जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शांतिपुरी मोहल्ले में रविवार को बिजली का काम करने के दौरान करंट लगने से एक इलेक्ट्रीशियन की मौत हो गई। इस अचानक हुई दुर्घटना से पूरे इलाके में मातम और सनसनी फैल गई है। मृतक की पहचान तुरकौलिया थाना क्षेत्र के माधोपुर शेखटोली निवासी 44 वर्षीय मो. मुमताज के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का एकमात्र भरण-पोषण करने वाले शख्स थे।

​अचानक बिजली आपूर्ति शुरू होने से हुआ हादसा

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मो. मुमताज पैसे से एक बिजली मिस्त्री थे और वे रविवार को नगर थाना क्षेत्र के शांतिपुरी मोहल्ले में किसी कार्यवश बिजली लाइन ठीक करने गए थे। जब वे खंभे या वायरिंग पर सुधार कार्य कर रहे थे, उसी दौरान अचानक बिजली की आपूर्ति चालू हो गई। लाइन चालू होने की वजह से वे संभल नहीं सके और भयानक विद्युत आघात की चपेट में आ गए। करंट का झटका इतना तीव्र था कि वे गंभीर रूप से झुलसकर मौके पर ही अहोश होकर नीचे गिर पड़े।

​अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें

​घटना के तुरंत बाद आसपास के स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। बिना किसी देरी के उन्होंने मानवीयता दिखाते हुए घायल मो. मुमताज को बाइक पर लादकर इलाज के लिए सदर अस्पताल, मोतिहारी पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जांच की और उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, करंट का झटका इतना तेज था कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

मृतक का प्रोफाइल फोटो

​परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

​अस्पताल से मौत की दुखद खबर मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। सूचना पाकर मृतक की मां जैनब खातून, उनकी पत्नी और उनके पांच छोटे-छोटे बच्चे बदहवास हालत में रोते-बिलखते सदर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचते ही परिजन मो. मुमताज के शव से लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगे, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों की भी आंखें नम हो गईं। मौजूद लोगों ने किसी तरह रोते-बिलखते परिजनों को ढांढस बंधाया और शांत कराया।

​मां से सुबह हुई थी आखिरी बातचीत, वादा अधूरा रह गया

​रोते हुए मां जैनब खातून ने अपनी सुधबुध खोते हुए बताया कि उनका बेटा मो. मुमताज एक दिन पहले ही काम के सिलसिले में मोतिहारी आया था। उसकी तबीयत भी इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रही थी। रविवार की सुबह ही मां की बेटे से फोन पर बातचीत हुई थी। मां ने फोन पर बेटे से पूछा था कि वह घर कब लौटेगा, क्योंकि घर पर पैसों की सख्त जरूरत है। इस पर मो. मुमताज ने अपनी मां को दिलासा देते हुए कहा था, अम्मी, मैं आ रहा हूं, आप चिंता मत करो, साथ में पैसे भी लेकर आ रहा हूं। लेकिन मां को क्या पता था कि बेटे से हुई यह आखिरी बातचीत उनके जीवन की अंतिम बातचीत साबित होगी। कुछ ही देर बाद उनके पास बेटे की मौत की मनहूस खबर पहुंच गई।

​घर के इकलौते कमाने वाले थे मुमताज, पांच बच्चों के सामने संकट

​शोकसंतप्त मां ने रोते हुए यह भी बताया कि मो. मुमताज ही उनके पूरे परिवार का एकमात्र सहारा और कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है। इससे पहले ही उनके पति का भी देहांत हो चुका है, जिसके कारण परिवार की पहले से ही आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। अब मो. मुमताज की इस तरह अचानक हुई मौत से इस गरीब परिवार के सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है कि वे आगे कैसे गुजारा करेंगे।

​पुलिस ने संभाली स्थिति, शव को भेजा पोस्टमार्टम

​घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन और एसआई प्रमोद कुमार तुरंत पुलिस बल के साथ सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया और उन्हें शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मो. मुमताज के शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ताकि मौत के वास्तविक कारणों की कानूनी पुष्टि हो सके। इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है।