सतीश दुबे, डबरा। डबरा के पिछोर थाना क्षेत्र से पुलिस की छेड़छाड़ पीड़िता के प्रति लापरवाही और तानाशाही का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम गढ़ी में महिला के साथ हुई छेड़खानी और मारपीट की घटना में 4 दिनों तक FIR दर्ज न होने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने पिछोर थाने का घेराव कर दिया। दिनभर चले हंगामे और एडिशनल एसपी जयराज कुबेर के सख्त हस्तक्षेप के बाद आखिरकार पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया जा सका।

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घर में घुसकर छेड़छाड़ और मारपीट; पति-देवर को भी पीटा

पीड़िता के अनुसार 3 सितंबर को गांव गढ़ी में आरोपियों ने जबरन घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी की और विरोध करने पर मारपीट की। महिला के चिल्लाने पर जब उसका पति और देवर बचाने पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ भी जमकर मारपीट की। घटना के तुरंत बाद पीड़िता शिकायत दर्ज कराने पिछोर थाने पहुंची, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई किए उसे वापस लौटा दिया।

एडिशनल SP के निर्देश पर दर्ज हुआ केस

लगातार 4 दिनों तक कार्रवाई न होने से आक्रोशित होकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पिछोर थाने पहुंचे और थाने का घेराव कर दिया। थाना प्रभारी शिवम राजावत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मामले को बढ़ता देख शाम को एडिशनल एसपी जयराज कुबेर ने हस्तक्षेप किया और उनके निर्देश पर पीड़िता को ग्वालियर महिला थाने भेजा गया। महिला थाने में आरोपी रमेश करन और लक्ष्मी नारायण करन के खिलाफ छेड़छाड़ व मारपीट की धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।

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थाने में महिला अधिकारी न होने से आ रही थी समस्या

मामले में पिछोर थाना पुलिस ने अपनी सफाई देते हुए तर्क दिया कि थाने में महिला पुलिस अधिकारी उपलब्ध न होने के कारण पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने में तकनीकी समस्या आ रही थी। पुलिस का दावा है कि फरियादी पक्ष को पहले ही ग्वालियर महिला थाने जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे महिला थाने जाने के बजाय पिछोर थाने में हंगामा करने लगे।

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