कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। EXCLUSIVE: एमपी के ग्वालियर से एक दिलचस्प और अनोखी खबर सामने आई है। जहां बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को देखते हुए एक शख्स ने ऐसा तरीका अपनाया है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और प्रभावित भी।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक व्यक्ति इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। वजह है उसका अनोखा सफर- वह बाइक या कार नहीं, बल्कि ‘रानी’ नाम की अपनी 6 साल की घोड़ी पर सवार होकर शहर में घूमता है। ग्वालियर के हजीरा इलाके में रहने वाले राजाराम बाबू का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में उन्होंने पारंपरिक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प चुना है। जहां एक तरफ लोग महंगे ईंधन और प्रदूषण से परेशान हैं, वहीं राजाराम बाबू ऐसे शख्स है जो घोड़ी की सवारी को न सिर्फ सस्ता बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद बता रहा है।
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घोड़ी की सवारी से एक्सरसाइज
राजराम बाबू का यह भी कहना है कि जहां एक बाइक करीब एक लाख रुपये में आती है, वहीं उतनी ही कीमत में एक घोड़ी भी खरीदी जा सकती है। घोड़ी की सवारी से शरीर को एक्सरसाइज मिलती है, खर्च भी कम होता है और साथ ही एक अलग तरह की रॉयल फीलिंग भी आती है। वह अपनी घोड़ी ‘रानी’ की देखभाल में भी कोई कमी नहीं छोड़ते। वह उसे चना, ड्राई फ्रूट्स और दूध खिलाते है, ताकि वह मजबूत रहे और बेहतर प्रदर्शन कर सके।
लोगों को घुड़सवारी के बताते है फायदे
राजराम बाबू अपनी घोड़ी रानी पर सवार होकर जहां से भी गुजरते है, लोग उन्हें देखते ही रह जाते है। क्योंकि आज के आधुनिक और लग्जरी लाइफ के दौर में कोई भला घोड़ी पर सवार होकर कैसे घूम सकता है। यही वजह है कि वही भी अपनी सवारी को रोकते है और लोगों से चौक चौराहे पर रुककर उन्हें घुड़सवारी के फायदे बताते है। आम लोगों का भी कहना है कि मशीनों की तुलना में जानवर वफादार होते है, शरीर और पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद होते है।
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चर्चा में राजराम बाबू
बहरहाल महंगाई और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की यह अनोखी पहल लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है। क्या भविष्य में ऐसे ही विकल्प एक बार फिर पुराने दौर की तरह आम हो सकते हैं, यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन फिलहाल ग्वालियर का यह शख्स चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

