कुमार उत्तम, मुजफ्फरपुर। जिले में अपराधियों ने मानवता को शर्मसार करते हुए स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी एंबुलेंस का इस्तेमाल अवैध धंधों के लिए करना शुरू कर दिया है। ताजा मामला एसकेएमसीएच (SKMCH) मेडिकल कॉलेज परिसर का है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक सरकारी 102 नंबर एंबुलेंस से भारी मात्रा में गांजा और अवैध हथियार बरामद किया है। इस मामले में पुलिस ने एंबुलेंस के चालक और उसके सहयोगी टेक्नीशियन को मौके से दबोच लिया है।
गुप्त सूचना पर पुलिस की कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त की रात मेडिकल कॉलेज स्थित ओपी (Outpost) के पुलिस पदाधिकारियों को एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के पास खड़ी एक 102 नंबर एंबुलेंस के अंदर संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और उसमें अवैध सामान छिपाकर रखा गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बिना देर किए तुरंत एक्शन लिया। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर उक्त एंबुलेंस को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद जब वाहन की गहन तलाशी ली गई, तो उसमें से 200 ग्राम गांजा और एक देसी कट्टा बरामद हुआ। पुलिस ने अवैध सामान को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया और एंबुलेंस में मौजूद दोनों कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।

बोचहां से पहुंची थी एंबुलेंस, खंगाले जा रहे हैं आपराधिक इतिहास
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह एंबुलेंस बोचहां से चलकर मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक तक आई थी। एंबुलेंस जैसी आपातकालीन और सरकारी सेवा की गाड़ी में हथियार और गांजे का इस प्रकार परिवहन होना बेहद गंभीर और चिंता का विषय है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान सरबजीत कुमार (निवासी तुर्की थाना क्षेत्र) और मनोहर कुमार (निवासी औराई थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। पुलिस अब इन दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश में जुटी पुलिस
प्रशासन अब यह गहराई से जांच कर रहा है कि इस रैकेट के पीछे मास्टरमाइंड कौन है और क्या इस तरह के अन्य वाहनों का इस्तेमाल भी अवैध तस्करी के लिए किया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि इस नेक्सस (Nexus) से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द ही बेनकाब किया जाएगा और कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाओं की आड़ में चल रहे अवैध धंधों से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।


