मुजफ्फरपुर। जिले के सकरा थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मुस्लिम युवक ने भारतीय सेना का जवान बनकर एक हिंदू युवती को प्रेम जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर उससे भारी रकम वसूल ली। पीड़िता को जब सच्चाई का पता चला तो उसके होश उड़ गए। दरअसल, खुद को सेना का जांबाज सिपाही बताने वाला आरोपी असल में साइकिल की दुकान पर पंचर बनाने का काम करता था।

​फेसबुक से शुरू हुआ झूठ का सिलसिला

​पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार जनवरी 2026 में पीड़िता को फेसबुक पर मो. अरमान की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। बातों का सिलसिला शुरू हुआ और जल्द ही यह दोस्ती प्यार में बदल गई। आरोपी ने युवती का भरोसा जीतने के लिए खुद को सेना का जवान बताया। उसने अपनी प्रोफाइल में सेना की वर्दी पहने तस्वीरें लगा रखी थीं।

​वर्दी और हथियारों का दिखावा कर रची साजिश

​युवती से पहली बार मिलने जाने से पहले आरोपी ने पूरी तैयारी की थी। उसने फौजी जैसी हेयरकट करवाई और कमांडो ड्रेस पहनकर युवती से मुलाकात की। आरोपी इतना शातिर था कि वह अक्सर वीडियो कॉल पर वर्दी में और अपने पास हथियार रखकर बात करता था ताकि युवती को उसकी बातों पर कोई शक न हो।

​आतंकियों के कब्जे का बहाना बनाकर ऐंठे पैसे

​अरमान ने युवती को अपने झांसे में लेने के लिए बेहद इमोशनल कहानियां बुनीं। वह कभी खुद को पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनात बताता, तो कभी यह कहकर पैसे मांगता कि वह आतंकियों के कब्जे में फंस गया है और जान बचाने के लिए रुपयों की जरूरत है। पीड़ित युवती उसकी बातों में आती रही और लगातार पैसे भेजती रही।

​सच्चाई पता चलने पर हुआ खुलासा

​समय बीतने के साथ युवती को अरमान की असलियत पता चली। उसे ज्ञात हुआ कि अरमान न केवल पहले से शादीशुदा है बल्कि वह सेना में भी नहीं है। जब पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ आरोपी के घर जाकर इसका विरोध किया, तो अरमान और उसके परिवार वालों ने उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्होंने जातिसूचक शब्द कहे और हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी।
​अंततः पीड़िता ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। पीड़िता ने पुलिस को वर्दी वाले फोटो, वीडियो कॉल के स्क्रीनशॉट और पैसों के ट्रांजेक्शन के सबूत सौंपे हैं। पुलिस ने सकरा थाना निवासी मो. अरमान समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। वर्तमान में सदर थाना पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।