वीरेंद्र कुमार/हरनौत/नालंदा। बिहार के नालंदा जिले के हरनौत थाना अंतर्गत बिहटा-सकसोहरा मार्ग पर बुधवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। चेरण गांव के समीप पुलिस की बोलेरो और एक बाइक की आमने-सामने की टक्कर में 23 वर्षीय युवक प्रद्युम्न कुमार की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद उपजे आक्रोश ने हिंसक रूप ले लिया जिसके चलते NH-20 पर लगभग पांच घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।

​पुलिस पर हत्या और बर्बरता का आरोप

​मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले को हादसा मानने से इनकार कर दिया है। परिजनों का दावा है कि पुलिस वाहन की टक्कर महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि टक्कर के बाद वाहन से उतरे एक पुलिसकर्मी ने घायल प्रद्युम्न की गर्दन पर पैर रखकर उसे कुचल दिया, जिससे उसकी जान गई। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस वाहन में अवैध रूप से शराब रखी गई थी और ड्यूटी पर तैनात कुछ पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि अभी तक आधिकारिक सूत्रों से नहीं हुई है।

​10 किलोमीटर तक लगा लंबा जाम

​घटना के तुरंत बाद आक्रोशित भीड़ का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पुलिस वाहन और बाइक को घसीटते हुए हरनौत बाजार मोड़ तक पहुंचाया और शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण बिहटा-सकसोहरा मार्ग और NH-20 पर दोनों तरफ लगभग 10 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे राहगीर भीषण गर्मी में घंटों फंसे रहे।

​प्रशासन की कार्रवाई और स्थिति

​सूचना मिलते ही एसडीपीओ-2 संजय कुमार जायसवाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि परिजनों से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।