वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत विशुनपुर गांव में एक 51 वर्षीय व्यक्ति की मौत ने पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है। गोइठवा नदी में मछली पकड़ने गए दिनेश यादव का शव मिलने के बाद से ही मामला पूरी तरह से उलझ गया है। जहां एक तरफ पुलिस इसे प्रथम दृष्टया हादसा मान रही है वहीं परिजन इसे एक सोची-समझी साजिश और हत्या करार दे रहे हैं।

​क्या है पूरा मामला?

​शनिवार की रात दिनेश यादव गांव के ही कुछ अन्य लोगों के साथ मछली पकड़ने के लिए गोइठवा नदी पर गए थे। लेकिन अगली सुबह जो खबर आई, उसने परिवार को झकझोर कर रख दिया। मृतक के भतीजे लाली यादव का आरोप है कि दिनेश की मौत कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि शव की स्थिति बेहद संदिग्ध है।

​परिजनों के गंभीर आरोप

​परिजनों ने पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:

  • ​अजीब स्थिति: परिजनों का कहना है कि शव पर करंट लगने का कोई निशान मौजूद नहीं था, बल्कि मृतक के मुंह में मिट्टी भरी हुई थी।
  • ​संदिग्ध चुप्पी: रात भर परिवार को घटना की कोई सूचना नहीं दी गई। सुबह अचानक एम्बुलेंस के माध्यम से शव को घर पहुंचाया गया।
  • ​फरार साथी: जो लोग दिनेश के साथ मछली पकड़ने गए थे, वे घटना के बाद से ही गांव से गायब हैं, जो उनकी भूमिका पर सीधा संदेह पैदा करता है।
  • ​पुरानी रंजिश: पीड़ित परिवार ने इस घटना का संबंध हाल ही में चल रहे जमीन विवाद से जोड़ा है और गहन निष्पक्ष जांच की मांग की है।

​पुलिस का पक्ष और जांच

​मानपुर थानाध्यक्ष अनिरुद्ध कुमार सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में मामला बिजली के करंट से मौत का लग रहा है। पुलिस के अनुसार, नदी से पानी निकालने के लिए मोटर का उपयोग किया जा रहा था, और संभवतः बारिश के दौरान खुले तारों के संपर्क में आने से यह दुखद हादसा हुआ।
​थानाध्यक्ष ने आगे कहा कि अब तक पुलिस को कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा कर सकेगी। शिकायत दर्ज होते ही पुलिस सभी पहलुओं, जिसमें हत्या का अंदेशा भी शामिल है, की गहन तफ्तीश करेगी। वर्तमान में शव परिजनों को सौंप दिया गया है और गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।