राकेश चतुर्वेदी, नीमच/भोपाल। मध्य प्रदेश के नीमच जिले के एक किसान ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी कृषि भूमि में फैक्ट्री के रासायनिक युक्त अपशिष्ट पानी पहुंचने की शिकायत दर्ज कराई। किसान अपने साथ कथित रूप से फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषित पानी बोतल में भरकर भी लाया और मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
नीमच की जीरन तहसील के ग्राम चल्दू निवासी किसान प्रहलाद सिंह चौहान ने आवेदन में बताया कि वह खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। उसके अनुसार क्षेत्र में संचालित कृपा बायो एथेनॉल फैक्ट्री से निकलने वाला अपशिष्ट और रासायनिक युक्त पानी खुले मार्ग से बहकर सार्वजनिक नदी और आसपास के खेतों तक पहुंच रहा है। इससे उसकी कृषि भूमि, मिट्टी की गुणवत्ता और फसलों को गंभीर नुकसान हो रहा है।
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प्रहलाद सिंह का आरोप है कि दूषित पानी के कारण खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदूषण का असर क्षेत्र के पशुओं पर भी पड़ रहा है और जहरीले पानी के कारण कई पालतू एवं जंगली पशुओं की मौत होने की शिकायतें सामने आई हैं। किसान के अनुसार इस समस्या को लेकर फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
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उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रदूषण पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में जनहानि जैसी गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। जनसुनवाई में दिए गए आवेदन के माध्यम से किसान ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, प्रदूषित पानी की निकासी पर तत्काल रोक लगाने तथा प्रभावित किसानों को उचित राहत और मुआवजा दिलाने की मांग की है।

