राकेश चतुर्वेदी, नीमच/भोपाल। नीमच जिले की जावद विधानसभा के ग्राम बंगरेड में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा को ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद गांव की खराब सड़क और अधूरे विकास कार्यों को लेकर नाराज ग्रामीणों ने विधायक को घेर लिया। देखते ही देखते माहौल गर्मा गया और ग्रामीणों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान “चोर-चोर” के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

रविवार को जावद विधानसभा क्षेत्र के बांगरेड गांव में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा को घेरकर अपनी नाराजगी जाहिर की। वर्षों से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा कार्यक्रम के दौरान खुलकर सामने आ गया। दरअसल, विधायक ओमप्रकाश सकलेचा बांगरेड गांव में नव निर्मित आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के लोकार्पण के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से उनकी समस्याएं पूछीं, जिसके बाद लोगों का दबा हुआ आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब अस्पताल तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं है तो ऐसे अस्पताल का क्या औचित्य है।

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शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस

ग्रामीणों ने बताया कि बांगरेड खेड़ा, जो बांगरेड ग्राम पंचायत का मजरा टोला है, वहां तक पहुंचने वाली करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क आज तक नहीं बन सकी। इस संबंध में कई बार विधायक को अवगत कराने और शिकायतें करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। शुरुआत में सामान्य चर्चा हुई, लेकिन देखते ही देखते माहौल गरमा गया। कुछ ग्रामीणों ने तीखे अंदाज में विधायक को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख विधायक कार्यक्रम स्थल से निकलने लगे, लेकिन नाराज ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया।

तीखी नोकझोंक

इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। वायरल हो रहे वीडियो में बीजेपी विधायक सकलेचा भी नाराज दिखाई दिए। बहस के दौरान वे लोगों से कहते सुनाई दिए, “चुप… चुप… वोट देना है तो दो।” वहीं वे लगातार अपना पक्ष रखने और लोगों को शांत कराने का प्रयास करते रहे। मामला तब और तनावपूर्ण हो गया जब कुछ लोग विधायक के बेहद करीब पहुंच गए। विधायक की गाड़ी को भी जाने से रोका। इस पर सुरक्षा में तैनात गनमैन और अन्य लोगों ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों के बीच भी तनातनी देखने को मिली। आखिरकार विधायक को वहां से रवाना होना पड़ा।

विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि वे अपने जनप्रतिनिधि से जवाब मांग रहे थे और उन्हें अपनी नाराजगी व्यक्त करने का पूरा अधिकार है। उनका आरोप था कि चुनाव के समय नेता वोट मांगने आते हैं, लेकिन जीतने के बाद क्षेत्र की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते। वीडियो में कुछ ग्रामीण “चोर-चोर” के नारे लगाते और अपशब्द बोलते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

विधायक का पक्ष नहीं मिला

मामले में विधायक ओमप्रकाश सकलेचा का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं भाजपा मंडल अध्यक्ष अर्जुन माली ने बताया कि विधायक क्षेत्र के विभिन्न कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण फोन नहीं उठा पाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अस्पताल तक पहुंचने वाली सड़क और बांगरेड खेड़ा तक करीब एक किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण की मांग कर रहे थे। विधायक ने सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा भी की जाएगी।

कौन है ओमप्रकाश सकलेचा

गौरतलब है कि ओमप्रकाश सकलेचा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरेंद्र कुमार सकलेचा के पुत्र हैं और जावद विधानसभा क्षेत्र से पांचवीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। ओमप्रकाश सकलेचा मंत्री भी रह चुके हैं। घटना के वीडियो सामने आने के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं इस हंगामा के कई वीडियो अब सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहे हैं।

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