काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ‘बालेन’ के संसद में लगातार गैर-हाज़िर रहने के विरोध में गुरुवार को कई विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने नारे लगाए। सांसद चाहते थे कि PM उनके सवालों के जवाब दें, लेकिन उनके गैर-हाज़िर रहने से सदन की कार्यवाही बाधित हुई और उसे स्थगित करना पड़ा।

पिछले हफ़्ते सत्र शुरू होने के बाद से यह तीसरी बार है जब विपक्षी पार्टियों ने प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) की कार्यवाही में रुकावट डाली है, और शाह की गैर-हाज़िरी का विरोध करते हुए संसद की बैठकों का बहिष्कार किया है।

“तानाशाह शासक मुर्दाबाद,” “प्रधानमंत्री संसद के प्रति जवाबदेह हैं,” “विपक्ष की मांगों को पूरा करो,” “प्रधानमंत्री को संसद के प्रति जवाबदेह बनाओ,” और “संसद के नियमों को लागू करो” — ये वे नारे थे जो सदन में लगभग सभी विपक्षी पार्टियों के सदस्यों ने लगाए।

इन पार्टियों में नेपाली कांग्रेस, CPN-UML (नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी – एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी), श्रम संस्कृति पार्टी और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी शामिल थीं। नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने सदन में ‘विशेष सत्र’ (Special Hour) के दौरान सवाल उठाया, “क्या प्रधानमंत्री किसी अलग देश के सम्राट हैं?”