Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा के स्कूली पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर भारी विवाद के बाद नए सिरे से पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। पुस्तकों के मुद्रण से पहले उनकी समीक्षा, प्रूफ-रीडिंग के लिए विषय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों सहित अतिरिक्त सदस्यों को शामिल किया गया है। त्रुटियों को लेकर माता-पिता, शिक्षकों और राजनीतिक दलों की भारी आलोचना का सामना करने के बाद, ओडिशा सरकार ने 1 जुलाई को घोषणा की कि उन गलतियों को सुधारा जाएगा और छात्रों को नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

जानिए क्या है पूरा मामला

ओडिशा के शिक्षा क्षेत्र में उस समय एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब कक्षा पहली से 8वीं तक की नई छपी पाठ्यपुस्तकों में गंभीर और चौंकाने वाली गलतियां सामने आईं। इस मामले के उजागर होने के बाद राज्य के स्कूल और जनशिक्षा विभाग ने इन खामियों को स्वीकार किया। साथ ही अधिकारियों ने पुष्टि की है कि विभिन्न विषयों की किताबों में कुल 1,678 गलतियां चिह्नित की गई। इनमें से सबसे अधिक 705 गलतियां अकेले कक्षा 8वीं की पाठ्यपुस्तकों में पाई गई।

ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और ‘ओडिशा करिकुलम फ्रेमवर्क 2025’ के तहत नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में लागू करने के लिए तैयार की गई थीं। इन किताबों को तैयार करने की जिम्मेदारी शिक्षक शिक्षा निदेशालय और एससीईआरटी (SCERT) की थी, जिसमें कई अनुभवी शिक्षकों और शिक्षा विशेषज्ञों की मदद ली गई थी।

जल्द उपलब्ध कराई जाएगी त्रुटि मुक्त पाठ्यपुस्तकें

राज्य सरकार ने कक्षा I से कक्षा VIII तक के छात्रों के लिए आपूर्ति की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों में तथ्यात्मक और व्याकरण संबंधी 1,678 त्रुटियों को स्वीकार किया है। 1 जुलाई, 2026 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, स्कूल और जन शिक्षा सचिव एन. थिरुमला नाइक ने कहा कि छात्रों को जल्द ही त्रुटि मुक्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।

नाइक ने कहा, “विभाग छात्रों और शिक्षकों को सुगम पहुंच प्रदान करते हुए आधिकारिक वेबसाइट पर पाठ्यपुस्तकों के संशोधित संस्करण अपलोड करने की योजना बना रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि शैक्षणिक सत्र बाधित न हो।”

सचिव ने कहा, “मौजूदा पाठ्यपुस्तकों में प्रत्येक त्रुटि की पहचान करने, उन्हें नए सिरे से मुद्रित करने और वितरित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पुस्तकों की समीक्षा और प्रूफ-रीडिंग के लिए विषय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों सहित अतिरिक्त सदस्यों को शामिल किया गया है।”

इसके अलावा, सरकार ने अंतिम मुद्रण के लिए पुस्तकें भेजे जाने से पहले शिक्षकों, अभिभावकों, शोधकर्ताओं, विषय विशेषज्ञों और आम जनता से पाठ्यपुस्तकों के मुद्रण पर प्रतिक्रिया मांगने पर जोर दिया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदर्शन कर मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

‘एक्स’ पर एक तीखे पोस्ट में बीजू जनता दल के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों के कथित लापरवाही भरे प्रबंधन के लिए मोहन चरण माझी सरकार पर निशाना साधा था। बीजद कार्यकर्ताओं ने स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग को लेकर भुवनेश्वर की सड़कों पर प्रदर्शन भी किया।

नियमगिरि पहाड़ी को बताया झारखंड में

खबरों के अनुसार, कक्षा V की एक पाठ्यपुस्तक में 1999 की हिंदी फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम’ के लोकप्रिय गीत “निबुड़ा निबुड़ा” के बोलों को एक अध्याय में हूबहू पुनरु उत्पादित किया गया था। पाठ्यपुस्तक में एक अन्य बड़ी गलती यह दावा किया गया था कि ओडिशा की नियमगिरि पहाड़ियां झारखंड में हैं।

त्रुटियों के लिए चार वरिष्ठ अधिकारी निलंबित

मुख्यमंत्री माझी द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, स्कूली पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों के लिए चार वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था।

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