शब्बीर अहमद, भोपाल। राजधानी भोपाल के चर्चित मछली परिवार केस में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सदस्य प्रियंक कानूनगो ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भोपाल पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। उन्होंने कहा कि शारिक मछली और उसके परिवार पर कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं।
ये भी पढ़ें: ‘तुम सब मरोगे’, धमकी भरे मैसेज से यूनिवर्सिटी में सनसनी, मेन गेट पर मिला संदिग्ध सामान
कानूनगो का कहना है कि पुलिस ने जांच में तथ्य छिपाए और सही जांच नहीं की। जांच शुरू हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। बता दें कि यासीन मछली केस में ड्रग्स, शोषण, ब्लैकमेलिंग और जमीन कब्जे जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। ऐसे में इस केस की जांच में लापरवाही पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़े कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: वन स्टॉप सेंटर की खिड़की तोड़कर 3 लड़कियां फरार: पहले भी घर से भाग चुकी है, CCTV खंगाल रही पुलिस
आपको बता दें कि यासीन मछली के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज है। पुलिस ने यासीन और उसके चाचा शाहवर को ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के मोबाइल से अश्लील वीडियो मिले थे।
ये भी पढ़ें:सिस्टम की ‘तालाबंदी’: बारिश के बीच तड़पती रही गर्भवती, अस्पताल में लटका मिला ताला
इसके अलावा स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों को लक्षित कर उनको पार्टियों के बहाने ड्रग्स की लत लगवाना, बलात्कार कर वीडियो बनाना, ब्लैकमेल कर यौन शोषण करना और फिर धर्मांतरण का दबाव बनाने का आपराधिक मामला भी सामने आया था।

