गोपालगंज। विदेश में नौकरी और मोटी सैलरी का सब्जबाग दिखाकर युवाओं को मानव तस्करी का शिकार बनाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शिकंजा कस दिया है। मंगलवार को NIA की एक विशेष टीम ने बिहार के गोपालगंज में एक संदिग्ध एजेंट के ठिकाने पर छापेमारी कर सनसनी फैला दी। यह कार्रवाई एक युवक को कंबोडिया भेजकर बंधक बनाने और उसके शोषण से जुड़े मामले में की गई है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह मामला करीब दो साल पुराना है। पश्चिम चंपारण के एक युवक को बेहतर भविष्य और भारी वेतन का लालच देकर विदेश भेजा गया था। एजेंटों ने उसे जिस काम का वादा किया था वहां न भेजकर साजिश के तहत कंबोडिया भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर उसे एक संदिग्ध नेटवर्क के हवाले कर दिया गया जहां उसे बंधक बनाकर अमानवीय परिस्थितियों में जबरन काम कराया गया और प्रताड़ित किया गया। किसी तरह जान बचाकर भारत लौटने के बाद पीड़ित ने NIA में शिकायत दर्ज कराई थी।

​गोपालगंज में पांच घंटे तक चली जांच

​प्राप्त जानकारी के अनुसार NIA की टीम ने नगर थाना क्षेत्र के सरेया वार्ड संख्या छह निवासी आरोपित प्रदीप सिंह के घर पर तड़के दबिश दी। स्थानीय पुलिस के सहयोग से पूरे इलाके की घेराबंदी कर अधिकारियों ने करीब पांच घंटे तक सघन तलाशी ली। इस दौरान घर से महत्वपूर्ण दस्तावेज बैंक खातों का विवरण और डायरियां खंगाली गईं। पूछताछ के दौरान आरोपित से विदेश भेजने की प्रक्रिया वीजा-पासपोर्ट के इंतजाम और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों के बारे में सवाल-जवाब किए गए।

​आगे की कार्रवाई

​छापेमारी के बाद NIA ने आरोपित प्रदीप सिंह को सीआरपीसी की धारा के तहत एक औपचारिक नोटिस तामिल कराया है। उन्हें मामले में पूछताछ के लिए पटना स्थित NIA कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। जांच की संवेदनशीलता के कारण अभी तक किसी भी बरामदगी या अन्य नेटवर्क के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि इस कार्रवाई से उन दलालों और सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है जो खाड़ी और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में अवैध मानव तस्करी का जाल बिछाए हुए हैं।