भुवनेश्वर : ओडिशा वन विभाग ने गर्मियों के मौसम से पहले जंगल की आग को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) ने घोषणा की कि आग लगने की घटनाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण जगहों पर मिनी ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने संभावित आग को रोकने के लिए जंगल के इलाकों में 20,461 फायर लाइन बनाई हैं। इसके अलावा, आग लगने की ज़्यादा संभावना वाले इलाकों पर कड़ी नज़र रखने के लिए सिमलीपाल और राउरकेला में सर्विलांस कैमरे लगाए गए हैं। PCCF ने नागरिकों से अपील की है कि अगर उन्हें जंगल में आग लगने की कोई घटना दिखे तो वे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 18003457158 पर कॉल करें।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर आग लगाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने ज़ोर देकर कहा कि जानबूझकर आग लगाने से न सिर्फ़ जैव विविधता को नुकसान होता है, बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन भी बिगड़ता है।
PCCF ने बताया कि ड्रोन रियल-टाइम निगरानी करेंगे और वन कर्मचारियों को आपात स्थिति में तेज़ी से कार्रवाई करने में मदद करेंगे। इन तकनीकी उपायों को पारंपरिक फायर लाइन के साथ मिलाकर, नुकसान को कम करने और वन्यजीवों के आवासों की सुरक्षा करने का लक्ष्य है।

वन विभाग ने यह भी आश्वासन दिया कि जंगल के पास के गांवों में जागरूकता अभियान जारी रहेंगे ताकि आग की रोकथाम में समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा सके। टेक्नोलॉजी, सतर्कता और सार्वजनिक सहयोग को मिलाकर, ओडिशा का लक्ष्य आने वाली गर्मियों में विनाशकारी जंगल की आग के जोखिम को कम करना है।
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