बलांगीर। ओडिशा सरकार ने महिला स्वास्थ्य और जागरूकता की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने शुक्रवार को बलांगीर जिले के नागांव (बी) में एक विशेष मासिक धर्म जागरूकता अभियान के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग आधारित एक अत्याधुनिक डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म “मासिका केयर” (Masika Care) लॉन्च किया।
इस क्रांतिकारी प्लेटफॉर्म को बीजू पटनायक प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (BPUT) और वीर सुरेंद्र साई आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (VIMSAR) के छात्रों ने चिकित्सा विशेषज्ञों के सहयोग से मिलकर विकसित किया है।
मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक कलंक को मिटाने का प्रयास
इस अवसर पर बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग ने कहा कि यह अनूठी पहल किशोरियों और महिलाओं के सामने आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह प्लेटफॉर्म मासिक धर्म को लेकर समाज में फैले सामाजिक कलंक, अंधविश्वास और चुप्पी को तोड़ने में मदद करेगा। डेटा-संचालित और आधुनिक तकनीक के इस बेहतरीन इस्तेमाल से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में महिलाओं के स्वास्थ्य ढांचे और जागरूकता को नई मजबूती मिलेगी।
डॉ. महालिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत 2047” और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के “विकसित ओडिशा 2036” के विज़न के बिल्कुल अनुकूल है।
क्या है “मासिका केयर” और कैसे करता है काम?
विकासकर्ताओं (डेवलपर्स) के अनुसार, मासिका केयर ऐप एक विशेष मशीन लर्निंग मॉडल पर आधारित है।
रीयल-टाइम ट्रैकिंग: यह ऐप महिलाओं के जैविक पैटर्न का गहराई से विश्लेषण करके रीयल-टाइम में उनके मासिक धर्म स्वास्थ्य की स्थिति का सटीक आकलन करता है।
व्यक्तिगत स्वास्थ्य इनसाइट्स: इसके माध्यम से उपयोगकर्ताओं (यूज़र्स) को व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुझाव, सटीक ट्रैकिंग टूल्स और भविष्य के स्वास्थ्य के लिए प्रेडिक्टिव मॉडल की सुविधा मिलती है।
मातृ एवं शिशु सुरक्षा: मासिक धर्म के अलावा, इसमें गर्भवती महिलाओं के लिए निरंतर मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन मॉड्यूल शामिल हैं, जो मातृ स्वास्थ्य और शिशु सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
स्थानीय भाषाओं में उपलब्धता: इस ऐप को ग्रामीण और कम सेवा वाले क्षेत्रों की महिलाओं तक पहुंचाने के लिए बहुभाषी बनाया गया है, जिसमें स्थानीय और ग्रामीण बोलियां भी शामिल हैं, ताकि हर महिला इसे आसानी से समझ सके।
तकनीक और स्वास्थ्य का यह अनूठा संगम ओडिशा की महिलाओं को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।
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