भुवनेश्वर। मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध की स्थिति के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ते दबाव को देखते हुए ओडिशा में पेट्रोल और डीजल की बिक्री को लेकर कुछ प्रतिबंध लागू किए गए हैं। सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंप मालिकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि एक बार में किसी भी ग्राहक को 50 लीटर से अधिक पेट्रोल (MS) और 500 लीटर से अधिक हाई-स्पीड डीजल (HSD) की बिक्री न की जाए।
कंपनियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई पेट्रोल पंप इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसकी तेल आपूर्ति तुरंत बंद कर दी जाएगी।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के कई पेट्रोल पंपों पर इस संबंध में नोटिस चस्पा किए गए हैं। भुवनेश्वर आरएसए (RSA) के बिक्री विभाग द्वारा जारी इस आदेश में कहा गया है कि वर्तमान स्थिति में तेल आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए एक साथ बड़ी मात्रा में ईंधन की बिक्री से बचना अनिवार्य है।
हालांकि इस नियम को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही थी, लेकिन इंडियन ऑयल के ओडिशा सीजीएम (CGM) कमल शील ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि “आम उपभोक्ताओं के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है और राज्य में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।”
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य जमाखोरी (Hoarding) और अवैध रूप से बड़े पैमाने पर तेल के भंडारण को रोकना है। चूंकि सामान्य वाहनों के टैंक की क्षमता इन सीमाओं से काफी कम होती है, इसलिए आम जनता और वाहन चालकों पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
गौरतलब है कि ओडिशा में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल 2,500 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें से अकेले इंडियन ऑयल के लगभग 1,400 पंप हैं। माना जा रहा है कि तेल आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह निर्देश जल्द ही सभी कंपनियों के पंपों पर प्रभावी रूप से लागू हो सकता है।

