संजय पाटीदार, भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बारिश के बीच 600 मकान तोड़ने का विरोध शुरू हो गया है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए सैकड़ों परिवारों को बेघर करने की तैयारी का विरोध किया गया। रहवासियों ने कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि इन मकानों में लोग पिछले कई दशकों से अपने परिवारों के साथ रह रहे हैं, बरसात में कार्रवाई को टाला जाए।
राजधानी की ऐशबाग स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के करीब 600 मकानों को जर्जर घोषित कर उन्हें तोड़ने की प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को रहवासियों का आक्रोश सामने आया। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रभावित परिवार कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और जनसुनवाई में आवेदन देकर कार्रवाई रोकने की मांग की। प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में आवेदन सौंपा और मांग की कि वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए बिना ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
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रहवासियों का कहना है कि भारी बारिश और मानसून के बीच बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के मकान खाली कराने और ध्वस्त करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना है कि पहले पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही किसी प्रकार की कार्रवाई की जाए। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने कहा कि बरसात में सैकड़ों परिवारों को बेघर करना अमानवीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं है उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए रहने की समुचित व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक इस मुद्दे को लेकर शांतिपूर्ण और कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

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