उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने रविवार को देहरादून में प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया. पुलिस ने हाथी बड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके बाद कर्मचारियों ने वहीं धरना दिया.

देहरादून. पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर रविवार को प्रदेशभर से आए कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन उत्तराखंड के बैनर तले कर्मचारी परेड ग्राउंड में जुटे और जनसभा के बाद मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया.

प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हाथी बड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया. इसके बाद कर्मचारियों ने वहीं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की.

बारिश में प्रदर्शन

रविवार सुबह से ही प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से कर्मचारी परेड ग्राउंड पहुंचने लगे थे. बारिश के बीच कर्मचारी नेताओं ने सभा को संबोधित किया, जिसके बाद सभी प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर रवाना हुए.

हाथी बड़कला में रोके जाने से नाराज कुछ कर्मचारी बैरिकेडिंग पर भी चढ़ गए. प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग को लेकर जमकर आवाज उठाई.

एक सूत्रीय मांग

संगठन के प्रांतीय महामंत्री मुकेश रतूड़ी ने कहा कि कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल की जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि उनकी एक सूत्रीय मांग है कि 1 अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन बहाली का लाभ दिया जाए.

मुकेश रतूड़ी ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांग पर अडिग हैं और लंबे समय से उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार ने मांग नहीं मानी तो बड़े स्तर पर सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा.

नई पेंशन पर सवाल

कर्मचारी नेताओं के अनुसार भारत सरकार ने कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2004 से नई पेंशन योजना लागू की, जबकि उत्तराखंड में इसे 1 अक्टूबर 2005 से लागू किया गया. उनका कहना है कि नई पेंशन योजना और वर्तमान में लागू यूनिफाइड पेंशन योजना में कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित है.

कर्मचारी नेताओं का दावा है कि ये योजनाएं बाजार पर आधारित हैं और इसके दुष्परिणाम कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय भुगतने पड़ेंगे. इसी वजह से पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के बैनर तले अधिकारी और कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के को-ऑर्डिनेटर भुवन रावत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा. ज्ञापन के जरिए पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग रखी गई.