पटना। सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक और रहस्यमयी घटना सामने आई है जहां एक 50 वर्षीय टेंट व्यवसायी मनोज कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव फतुहा इलाके में जलकुंभी के बीच बरामद हुआ है। मृतक की पत्नी ने इसे एक सुनियोजित हत्या करार देते हुए पति की महिला मित्र और उसके भाई को नामजद आरोपी बनाया है।
शादी समारोह में जाने की बात कह कर घर से निकले थे मनोज
काजीबाग के चैलीटाल निवासी मनोज कुमार डेकोरेशन का काम करते थे। 13 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे वे एक शादी समारोह के सिलसिले में अपनी स्कूटी लेकर घर से निकले थे। हालांकि देर शाम तक उनके न लौटने और फोन स्विच ऑफ आने के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। जब परिवार ने अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की, तो मामले में एक नया मोड़ आया।
महिला मित्र के घर जाने पर हुआ संदेह
परिजनों को जानकारी मिली कि मनोज का महारानी कॉलोनी निवासी नीतू देवी नामक महिला के साथ गहरा संपर्क था। शक होने पर जब परिजन नीतू के घर पूछताछ करने पहुंचे तो वहां के मकान मालिक राहुल चौरसिया ने उन्हें डांट-फटकार कर वहां से भगा दिया। इस घटना के बाद परिजनों का शक यकीन में बदल गया कि मनोज की गुमशुदगी के पीछे कोई बड़ी साजिश है।
जलकुंभी के बीच मिला शव, सड़क किनारे लावारिस स्कूटी
घटना के तीन दिन बाद, बुधवार की शाम पुलिस ने फतुहा क्षेत्र में जलकुंभी के बीच फंसा हुआ मनोज कुमार का शव बरामद किया। वहीं उनकी स्कूटी सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़ी मिली जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पत्नी कंचन देवी ने आलमगंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि नीतू देवी और उसके भाई ने मिलकर उनके पति की सुनियोजित हत्या की है और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को जलकुंभी में ठिकाने लगा दिया।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
फिलहाल आलमगंज पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मृतक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), संदिग्ध ठिकानों के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं।

