पटना। नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को पटना की सड़कों पर कांग्रेस का आक्रोश फूट पड़ा। केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कांग्रेसियों ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

​शिक्षा मंत्री का प्रतीकात्मक जनाजा

​बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सदाकत आश्रम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले का ‘जनाजा’ निकाला। इस प्रदर्शन में राजेश राम स्वयं जनाजे को कंधा देते नजर आए। साथ ही, पप्पू यादव समेत कई अन्य नेता भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। गोसाई टोला मोड़ के पास पहुंचकर कांग्रेसियों ने शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया।

​परीक्षा रद्द और दोबारा आयोजन की पृष्ठभूमि

​बीते 3 मई को आयोजित NEET-UG-2026 की परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और पेपर लीक होने की खबरें सामने आई थीं। विवाद बढ़ने के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। मंत्री के अनुसार, सरकार किसी भी गलत उम्मीदवार के चयन के पक्ष में नहीं थी, इसलिए यह कड़ा फैसला लिया गया। अब पुनः परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। धर्मेंद्र प्रधान ने जानकारी दी कि गड़बड़ी का पता 7 मई को चला था और 12 मई को ही री-एग्जाम का निर्णय ले लिया गया था। इसके साथ ही, भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा को ऑनलाइन मोड में कराने का ऐलान किया गया है।

​राहुल गांधी करेंगे छात्र सम्मेलन

​परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों, पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक रुख अख्तियार कर चुकी है। पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। इसी क्रम में, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना में एक विशाल छात्र सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
​इस सम्मेलन में छात्रों, नौकरी के उम्मीदवारों, युवा संगठनों और शिक्षकों को एक मंच पर लाने की योजना है। राहुल गांधी सीधे तौर पर परीक्षा घोटालों से प्रभावित युवाओं से संवाद करेंगे और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस का यह कदम युवाओं के बीच अपनी पैठ बनाने और केंद्र पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।