पटना: राजधानी के जक्कनपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। मीठापुर स्थित एक होटल से पकड़े गए प्रेमी जोड़े की परिजनों ने थाने के बगल में स्थित मंदिर में जबरन शादी करा दी। इस घटना के बाद लड़का और लड़की के बयानों में भारी विरोधाभास सामने आया है, जिससे पूरा मामला चर्चा का विषय बन गया है।
होटल से पकड़े जाने के बाद पुलिस तक पहुंचा मामला
नवादा जिले के रहने वाले प्रेमी युगल एक सप्ताह पूर्व घर से भाग गए थे। वे सोमवार से पटना के एक होटल में छिपे हुए थे। बुधवार सुबह लड़की के परिजनों को उनकी लोकेशन का पता चला और उन्होंने दोनों को होटल के कमरे में रंगे हाथों पकड़ लिया। स्थिति को बिगड़ता देख लड़के ने स्वयं ‘डायल 100’ पर फोन कर पुलिस को मौके पर बुला लिया। पुलिस दोनों को जक्कनपुर थाने ले आई, जहां अगले चार घंटों तक परिजनों और प्रेमी जोड़े के बीच भारी गहमागहमी चलती रही।
लड़के का आरोप: जबरन कराई गई शादी
दिल्ली में पढ़ाई और नौकरी करने वाले प्रेमी राजेश ने दावा किया कि उसकी मर्जी के खिलाफ शादी कराई गई है। उसने बताया कि डेढ़ साल पहले रानीपुर की रहने वाली सविता से उसकी मुलाकात हुई थी। राजेश ने स्पष्ट कहा, मैं इस शादी से कतई खुश नहीं हूं। मुझे जबरन मंदिर ले जाकर सिंदूर भरवाया गया है।
लड़की का बयान: मैं अपनी खुशी से हूं
वहीं, प्रेमिका सविता कुमारी का पक्ष पूरी तरह अलग है। उसने बताया कि वह पढ़ाई करती है और राजेश के साथ उसका पांच साल से परिचय है। सविता ने दावा किया कि राजेश ही उसे घर से भगाकर पटना लाया था और सोमवार से वे जक्कनपुर इलाके के एक होटल में साथ रह रहे थे। उसने इस शादी पर अपनी पूर्ण सहमति जताते हुए कहा कि वह बेहद खुश है।
पुजारी ने क्या कहा?
घटनाक्रम के बीच मनोकामना मंदिर के पुजारी विद्या धर शुक्ला ने बताया कि उन्हें थाने से फोन आया था। उन्हें सूचित किया गया कि दोनों बालिग हैं और परिजनों की सहमति से विवाह संपन्न कराना है। पुजारी के अनुसार, दोनों के बीच प्रेम प्रसंग की पुष्टि के बाद ही उन्होंने मंदिर में विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया। फिलहाल, पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में हुए इस विवाह के बाद से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। यह मामला अब बालिगों की मर्जी और सामाजिक दबाव के बीच के विरोधाभास को दर्शाता है।

