पटना। नगर निगम के अंतर्गत काम करने वाले वाहन चालकों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। वेतन भुगतान में हो रही देरी और एरियर की बकाया राशि का भुगतान न होने से नाराज सभी 75 वार्डों के वाहन चालकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
सड़कों पर कचरे का अंबार
हड़ताल के कारण पटना के मोहल्लों में कचरा उठाने वाली गाड़ियां नहीं पहुंचीं। स्थिति यह है कि शहर के अधिकांश इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है। सुबह मीना बाजार स्थित अंचल कार्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में चालकों ने एकत्र होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की।
वेतन और एरियर पर मचा घमासान
कामगार यूनियन के संगठन सचिव सनी कुमार के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे चालकों ने बताया कि जून महीना समाप्ति की ओर है, लेकिन अब तक उन्हें वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा, एरियर की राशि भी लंबे समय से बकाया है। चालकों की प्रमुख मांग है कि हर महीने की 5 तारीख तक वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शनकारी चालकों, जिनमें राजीव गुप्ता, मोहम्मद सद्दाम और रोहित कुमार प्रमुख थे, ने निगम प्रशासन पर शोषण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वाहन खराब होने पर क्षेत्रीय और मुख्य सफाई निरीक्षक द्वारा उन पर ही मरम्मत का खर्च उठाने का दबाव डाला जाता है, जो उनके लिए संभव नहीं है।
दैनिक जीवन पर गहरा संकट
चालकों ने बताया कि वेतन में अनियमितता के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। समय पर वेतन न मिलने से मकान का किराया चुकाना, बच्चों की स्कूल फीस भरना, परिवार के भरण-पोषण और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना कठिन हो गया है। एक चालक ने व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि बिना वेतन के घर चलाना मुश्किल हो गया है।
नगर निगम का पक्ष
हड़ताल के बीच सफाई व्यवस्था सुचारु रखने के लिए निगम प्रशासन वैकल्पिक उपाय करने का दावा कर रहा है। निगम के अंचल अधिकारी के अनुसार, वार्डों में उपलब्ध हाथ गाड़ियों के माध्यम से कूड़ा उठाव जारी रखा गया है। इन गाड़ियों द्वारा कूड़ा निकटतम पॉइंट तक पहुंचाया जा रहा है जहां से निजी कंपनी के वाहनों (हाइवे) के जरिए उसे डंपिंग साइट तक भेजा जा रहा है। हालांकि धरातल पर स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।

