Bihar news: राजधानी पटना की सड़कों पर यात्रियों की जेब पर डाका डालने वाले और मनमानी किराया वसूलने वाले ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों की अब खैर नहीं है। परिवहन विभाग ने यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए शहर में एक व्यापक और सघन जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद से शहर के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
जिला परिवहन पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष अभियान
पटना जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) उपेन्द्र कुमार पाल के कुशल नेतृत्व में मंगलवार से शहर के प्रमुख रूटों पर विशेष जांच टीमों को उतारा जा रहा है। यह अभियान केवल नाममात्र का नहीं होगा, बल्कि इसके परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई देंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई चालक सरकार द्वारा निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलते हुए पाया जाता है, तो उस पर तत्काल प्रभाव से 5,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
प्रमुख मार्ग रहेंगे निगरानी में
परिवहन विभाग और पटना ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीमें शहर के उन सभी संवेदनशील इलाकों में तैनात रहेंगी जहां से सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें पटना जंक्शन, गांधी मैदान, बेली रोड, बोरिंग रोड, कंकड़बाग और दानापुर जैसे अत्यधिक व्यस्त मार्ग शामिल हैं। अधिकारी औचक निरीक्षण करेंगे और सीधे यात्रियों से संवाद कर वास्तविक किराए की जानकारी लेंगे, ताकि चालकों की धोखाधड़ी को रंगे हाथों पकड़ा जा सके।
यात्रियों के साथ बदसलूकी पर होगी सख्त कार्रवाई
पिछले कुछ समय में शहर के विभिन्न रूटों से यह खबर आम हो गई थी कि चालकों द्वारा यात्रियों के साथ न केवल अधिक किराया वसूला जा रहा है, बल्कि विवाद और बदसलूकी की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना है। विभाग का मुख्य उद्देश्य न केवल यात्रियों को आर्थिक राहत देना है, बल्कि पूरे शहर में परिवहन व्यवस्था के भीतर जवाबदेही और पारदर्शिता स्थापित करना भी है।
ट्रैफिक पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत मिलने पर बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि इस अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी सख्त हो सकता है, ताकि पटना के यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और वाजिब किराए पर यात्रा की सुविधा मिल सके।

