पटना यूनिवर्सिटी के भूगोल (जियोग्राफी) विभाग के परिसर में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वहां एक जोरदार धमाका हुआ। शरारती तत्वों द्वारा फेंके गए सुतली बम के इस विस्फोट से आसपास खड़े छात्र बाल-बाल बच गए। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान याहताहत होने की कोई सूचना नहीं है। सूचना मिलते ही स्थानीय पीरबहोर थाना पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंच गया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

​डबल डेकर पुल से फेंका गया बम

​घटना को लेकर पटना यूनिवर्सिटी के चीफ प्रोक्टर उदय शंकर ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि परिसर के बाहर बन रहे डबल डेकर पुल से असामाजिक तत्वों द्वारा यह सुतली बम नीचे जियोग्राफी डिपार्टमेंट के कैंपस में फेंका गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की हरकतें अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी हैं और जांच के दौरान जो भी छात्र इस कृत्य में संलिप्त पाए जाएंगे, उनका नामांकन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

​पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और सीसीटीवी खंगाले जा रहे

​टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भूगोल विभाग के प्रांगण में बम फटने की सूचना पर पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि गनीमत यह रही कि इस धमाके की चपेट में कोई छात्र नहीं आया और सभी सुरक्षित हैं। पुलिस अब अपराधियों की पहचान करने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गई है। इसके लिए घटनास्थल के आसपास और रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि बम फेंकने वालों का सुराग मिल सके। इस घटना के बाद पटना यूनिवर्सिटी कैंपस की ओवरऑल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस अधिकारियों ने नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी है।