गुरुग्राम। बिहार के पांच जिलों से ताल्लुक रखने वाले सत्रह लोगों की गतिविधियों को लेकर अब केंद्र सरकार की पैनी नजर है। हरियाणा के गुरुग्राम में रह रहे इन लोगों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बेहद गोपनीय और अहम रिपोर्ट तलब की है। इस निर्देश के मिलने के बाद बिहार के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है और संबंधित जिलों की पुलिस तेजी से सक्रिय हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिन लोगों की कुंडली खंगालई जा रही है, वे कटिहार, किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों के रहने वाले हैं। इस पूरी सूची में सबसे अधिक सात लोग अकेले सीतामढ़ी जिले से जुड़े हैं। इसके अलावा कटिहार से चार, मधुबनी से तीन, मुजफ्फरपुर से दो और किशनगंज से एक व्यक्ति का नाम इस फेहरिस्त में शामिल है। ये सभी लोग फिलहाल रोजगार या अन्य कारणों से गुरुग्राम में अलग-अलग जगहों पर अपना जीवन बिता रहे हैं।
गृह मंत्रालय के पत्र मिलने के तुरंत बाद राज्य के गृह विभाग के संयुक्त सचिव ने इन सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को आधिकारिक पत्र भेज दिया है। इस पत्र में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि इन सभी सत्रह लोगों का पूरा पता, उनका पिछلا आपराधिक रिकॉर्ड, उनकी मौजूदा संदिग्ध गतिविधियां और उनके स्थानीय संपर्कों की पूरी जानकारी जुटाई जाए।
जब इस मामले में सूची में शामिल कुछ आम लोगों से बातचीत की गई, तो उनकी अपनी अलग ही दास्तां सामने आई। मुजफ्फरपुर के बोचहां इलाके के रहने वाले संतोष कुमार ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से गुरुग्राम में एक हार्डवेयर की दुकान पर मेहनत-मदद का काम करते हैं। उनके घर पर अचानक पुलिस के पहुंचने से उनके परिवार के लोग परेशान हैं। हालांकि उन्हें खुद यह बात समझ नहीं आ रही है कि अचानक उनके सत्यापन की यह प्रक्रिया क्यों चलाई जा रही है।
इसी तरह मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र की रहने वाली संजू देवी भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने पति के साथ गुरुग्राम में रहती हैं और उन्हें भी इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि पुलिस उनके बारे में इतनी पूछताछ क्यों कर रही है। वहीं कटिहार के मनसाही से ताल्लुक रखने वाले और गुरुग्राम में गाड़ी चलाने वाले मो. अजहरुद्दीन ने एक अलग ही आशंका जताई है। उनका कहना है कि वे जिस इलाके में रहते हैं, वहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और पुलिस को शायद किसी विदेशी कनेक्शन या संदेह के आधार पर यह जांच करने की जरूरत महसूस हुई है।
फिलहाल स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं। सभी सत्रह लोगों के दस्तावेजों और उनकी हरकतों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे की असल सच्चाई क्या है।
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