चंडीगढ़। लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दंपति ने अपने जीवन और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए निर्देश प्राप्त करने हेतु संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत पंजाब एवं हरियाणा Highcourt में याचिका दायर की। Highcourt ने पुलिस को निर्देश दिया कि वे लिव इन में रह रहे जोड़े को धमकियों से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए। जस्टिस सुभाष मेहला ने अपने ऑर्डर में कहा कि जीवन और स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार इतना पवित्र हैं और इतने उच्च स्थान पर है कि वैध विवाह जैसे किसी भी घटना के अभाव में भी इसकी रक्षा की जानी चाहिए।

याचिकाकर्ताओं के एडवोकेट ने तर्क दिया था कि दंपति बालिग हैं और लिव-इन में साथ रह रहे है, लेकिन उन्हें अपने रिश्तेदारों से अपने जीवन और स्वतंत्रता के लिए खतरा महसूस हो रहा हैं।
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