पटना। बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव से ठीक पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के लिए संकट गहराता जा रहा है। पार्टी के भीतर मची भगदड़ और इस्तीफों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में जन सुराज के कई बड़े चेहरों और पूर्व प्रत्याशियों ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है, जिससे प्रशांत किशोर के लिए चुनावी राह कठिन होती दिख रही है।

​फिल्म डायरेक्टर चेतना झांब समेत कई बड़े नेताओं का पलायन

​गुरुवार का दिन जन सुराज के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। मशहूर फिल्म डायरेक्टर चेतना झांब ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल हो गईं। उनके साथ ही फतुहा की प्रखंड प्रमुख श्रुति श्री और वीआईपी पार्टी के नेता आनंद मधुकर यादव ने भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इस घटनाक्रम ने जन सुराज के संगठन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

​केसी सिन्हा और अन्य पूर्व प्रत्याशियों ने किया किनारा

​इस झटके से ठीक एक दिन पहले, 2025 के विधानसभा चुनाव में बांकीपुर से जन सुराज के प्रत्याशी रहे प्रोफेसर केसी सिन्हा ने भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा के प्रदेश महामंत्री संजय सरावगी की उपस्थिति में उन्होंने पार्टी ज्वाइन की। इतना ही नहीं दीघा से पूर्व प्रत्याशी बिट्टू सिंह और मनेर से पूर्व प्रत्याशी गोपाल सिंह ने भी जन सुराज को बाय-बाय कह दिया है।

​प्रशांत किशोर पर तीखे हमले

​भाजपा में शामिल होने के बाद नेताओं ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। गोपाल सिंह ने पीके पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई भी अहंकारी व्यक्ति संगठन को सही दिशा में नहीं ले जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर के पास बिहार के विकास का कोई विजन नहीं है। वहीं बिट्टू सिंह ने स्पष्ट किया कि अब उनका पूरा भविष्य भाजपा के साथ सुरक्षित है और वे पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे।

पटना की सड़कों पर पोस्टर वॉर

पलायन के बीच पटना में लगे एक पोस्टर ने राजनीतिक पारे को और बढ़ा दिया है। पोस्टर में प्रशांत किशोर पर कटाक्ष करते हुए लिखा गया है केसी सिन्हा तो सिर्फ झांकी है, जमानत जब्त होना अभी बाकी है। इनको वोट नहीं, नोट चाहिए। बांकीपुर की जनता के सौजन्य से लगे इस पोस्टर में पीके को विशेष वेशभूषा में दिखाया गया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
​भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने इन नेताओं का स्वागत करते हुए दावा किया कि जन सुराज के नेता अब पार्टी की विचारधारा और नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा से जुड़ रहे हैं, जिससे संगठन और अधिक सशक्त होगा।