पटना। बिहार की सियासत में ‘जन सुराज’ के मुखिया प्रशांत किशोर ने एक बड़ा और साहसी कदम उठाया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पार्टी की चुनौतियों के बाद, उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अगले पांच वर्षों तक यानी 2031 के चुनाव तक अपने घर को छोड़कर एक आश्रम में रहेंगे। प्रशांत किशोर का मानना है कि जब तक उनकी पार्टी जन सुराज बिहार में पूरी तरह से जड़ें नहीं जमा लेती, तब तक उनका ठिकाना बिहटा स्थित ‘बिहार नवनिर्माण आश्रम’ ही रहेगा।
आश्रम से ही होगा जन सुराज का संचालन
प्रशांत किशोर ने मंगलवार, 19 मई की रात अपना सरकारी आवास छोड़ दिया। उन्होंने पटना स्थित ‘शेखपुरा हाउस’ (पूर्व सांसद उदय सिंह का आवास) से अपना बोरिया-बिस्तर समेट लिया है। अब उनका नया पता IIT-पटना के नजदीक स्थित बिहार नवनिर्माण आश्रम है। यह स्थल पहले एक बगीचा हुआ करता था, जिसे अब व्यवस्थित रूप दिया जा रहा है। यहां 5 एकड़ के दायरे में 50 से अधिक टेंट लगाए गए हैं, जहां से PK अपनी राजनीतिक गतिविधियों और पार्टी के भविष्य की रूपरेखा तैयार करेंगे।
बिहार सरकार पर तीखा हमला
दरभंगा में जन सुराज के नवनिर्माण अभियान के दौरान PK ने बिहार सरकार के छह महीने के कामकाज पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सिर्फ चेहरों की अदला-बदली हुई है, जबकि बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने कहा, शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी जमीन पर कोई ठोस बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
मुख्यमंत्री के बंगले और प्राथमिकताओं पर तंज
मुख्यमंत्री के आवास को लेकर प्रशांत किशोर ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिहार देश का सबसे पिछड़ा राज्य है, लेकिन मुख्यमंत्री का बंगला देश में सबसे बड़ा और आलीशान है। उन्हें 25 एकड़ का बंगला भी अब छोटा लग रहा है। इसके साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के नए मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएं राज्य के विकास के बजाय गुजरात में केंद्रित हैं। उन्होंने पीरपैंती बिजली परियोजना में कथित घोटाले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे राज्य के खजाने को हजारों करोड़ का नुकसान हो रहा है, जबकि इन पर कोई चर्चा नहीं हो रही।
जनता से भावनात्मक अपील
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन्हें जनता ने मुख्यमंत्री बनाया था, वे खुद ही बिहार की समस्याओं का समाधान करने में नाकाम रहे। अंत में, प्रशांत किशोर ने बिहार की जनता से मार्मिक अपील की। उन्होंने कहा कि लोग जाति, धर्म या चंद पैसों के लालच में आकर अपने वोट को बर्बाद न करें। बिहार की महिलाएं और युवा यदि अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सोच-समझकर वोट नहीं देंगे, तो प्रदेश की तस्वीर कभी नहीं बदलेगी।

