Automobile Desk. लग्जरी ऑफ-रोडिंग गाड़ियों के लिए पहचानी जाने वाली जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने अपनी पहली पूरी तरह से Electric SUV—रेंज रोवर इलेक्ट्रिक से पर्दा उठा दिया है। भारतीय बाजार में कंपनी ने इसकी आधिकारिक बुकिंग की शुरुआत कर दी है। प्रीमियम सेगमेंट में दमदार ऑफ-रोड परफॉरमेंस और बिना किसी आवाज के इलेक्ट्रिक ड्राइविंग अनुभव चाहने वाले ग्राहकों के लिए यह गाड़ी बेहद खास मानी जा रही है।

वेरिएंट्स और मॉडल विकल्प

भारतीय ग्राहकों के पास इस नई इलेक्ट्रिक एसयूवी को चुनने के लिए कई विकल्प उपलब्ध रहेंगे। कंपनी इसे स्टैंडर्ड और लॉन्ग व्हीलबेस, दोनों फॉर्मेट में पेश कर रही है।

स्टैंडर्ड व्हीलबेस(Standard Wheelbase): ऑटोबायोग्राफी (Autobiography) और फर्स्ट एडिशन (First Edition)।
लॉन्ग व्हीलबेस (Long Wheelbase): एसवी (SV), एसवी अल्ट्रा (SV Ultra) और एसवी ब्लैक (SV Black)।

भारत में यह मॉडल सीबीयू (CBU – पूरी तरह बनी हुई कार) के रूप में आयात किया जाएगा। ब्रिटेन के सोलिहुल (Solihull) प्लांट में बनने वाली इस कार की शुरुआती कीमत वहां £154,070 है। भारत में इसकी आधिकारिक कीमतों की घोषणा अभी बाकी है।

बैटरी, पावर और ड्राइविंग रेंज

तकनीकी मोर्चे पर, इस गाड़ी में 118.5 kWh क्षमता की यूजेबल लिथियम-आयन बैटरी पैक दी गई है, जिसमें 344 प्रिजमैटिक सेल शामिल हैं। कार में 800-वोल्ट का आधुनिक इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर दिया गया है।

यह एसयूवी डुअल इलेक्ट्रिक मोटर सेटअप के साथ आती है, जो मिलकर 542 एचपी की अधिकतम पावर और 850 एनएम का पीक टॉर्क पैदा करती हैं। WLTP मानकों के अनुसार, सिंगल फुल चार्ज में यह एसयूवी 600 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकती है।

अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग सपोर्ट

चार्जिंग में लगने वाले समय को कम करने के लिए इसमें 350kW तक की डीसी फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट दिया गया है।
उपयुक्त हाई-स्पीड चार्जर से यह बैटरी मात्र 22 मिनट में 10 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक चार्ज हो जाती है।

पीक चार्जिंग क्षमता मिलने पर 10 मिनट की चार्जिंग में गाड़ी करीब 125 मील (लगभग 200 किमी) तक की अतिरिक्त दूरी तय करने में सक्षम है।

बेजोड़ ऑफ-रोड क्षमताएं और सुरक्षा फीचर्स

इलेक्ट्रिक होने के बाद भी रेंज रोवर ने अपनी पारंपरिक ऑफ-रोडिंग पहचान को बरकरार रखा है।

पानी में उतरने की क्षमता: यह एसयूवी 89 सेंटीमीटर (लगभग 35 इंच) गहरे पानी को आसानी से पार कर सकती है।
ढलान पर नियंत्रण: low center of gravity और एडवांस्ड ट्विन-चेंबर एयर सस्पेंशन के कारण यह गाड़ी 45-डिग्री तक की सीधी चढ़ाई भी आसानी से चढ़ सकती है।
क्विक रिस्पॉन्स ट्रैक्शन कंट्रोल: गाड़ी में दिया गया नया ट्रैक्शन सिस्टम महज 50 मिलीसेकंड में सड़कों की स्थिति को समझकर व्हील ग्रिप को एडजस्ट कर लेता है।
सिंगल-पेडल ड्राइव: इसमें एक्सीलरेटर पेडल से ही स्पीड कंट्रोल करने और रीजेनरेटिव ब्रेकिंग के जरिए ऊर्जा को वापस बैटरी में भेजने की सुविधा मिलती है।

सख्त ग्लोबल टेस्टिंग प्रक्रिया

उत्पादन मॉडल तैयार करने से पहले कंपनी ने इसकी मैराथन टेस्टिंग की है। फिजिकल टेस्टिंग के दौरान इस कार ने इतनी दूरी तय की है, जो पृथ्वी के 38 बार चक्कर लगाने के बराबर है। इसके अतिरिक्त, जेएलआर के इंजीनियरों ने 2.5 लाख से अधिक घंटों की वर्चुअल टेस्टिंग के जरिए इसके सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को हर तरह के मौसम व रास्तों के लिए परफेक्ट बनाया है। भारतीय बाजार में आने के बाद इसका सीधा मुकाबला मर्सिडीज-बेंज जी 580 (EQ टेक्नोलॉजी) जैसी अल्ट्रा-लग्जरी इलेक्ट्रिक गाड़ियों से होगा।

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