करनाल जिले में तीन दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया है। इसके तहत 5 वर्ष तक के 1 लाख 73 हजार से अधिक बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।

सुमन चौहान, करनाल। हरियाणा के करनाल जिले में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया है। सिविल सर्जन डॉ. पूनम चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि सेवा समिति में स्थापित विशेष बूथ से इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत की गई। इस गौरवशाली अवसर पर स्थानीय विधायक जगमोहन आनंद और महापौर रेणु बाला गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। विधायक जगमोहन आनंद द्वारा नवजात बच्चों को अपने हाथों से पल्स पोलियो अभियान की खुराक पिलाई गई। उन्होंने सभी अभिभावकों से पुरजोर अपील की कि वे अपने पांच साल तक के बच्चों को यह जीवनरक्षक दवा अवश्य पिलवाएं। इस तीन दिवसीय अभियान के तहत जिले के 1,73,308 बच्चों को कवर किया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियां

इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगभग 750 स्थायी बूथ और लगभग 1500 विशेष टीमें बनाई गई हैं। इन सभी टीमों की कड़ी निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 146 अनुभवी सुपरवाइजरों को तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त, जिले के दूरदराज के क्षेत्रों के लिए 73 मोबाइल टीमें गठित की गई हैं, जिसमें 16 विशेष ट्रांजिट टीमें भी प्रमुखता से शामिल हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि हरियाणा प्रदेश में जनवरी 2010 के बाद से पोलियो का कोई भी नया मामला सामने नहीं आया है। भारत को साल 2014 में ही पूर्ण रूप से पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है।

उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों पर फोकस

पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आज भी पोलियो के मामले मिल रहे हैं, जिसके चलते भारत में दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा हमेशा बना रहता है। इसी वजह से देश में पोलियो उन्मूलन अभियान बार-बार चलाया जाता है। अभियान के तहत जिला के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे ईंट-भट्टों, डेरों, फैक्ट्रियों, चावल मिलों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों पर विशेष जोर दिया जाएगा। उप-सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग ने बताया कि सभी रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर भी विशेष बूथ बनाए गए हैं। इस मौके पर रोटरी मिड टाउन करनाल के सदस्य और स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहे।