जालंधर/अमृतसर। पंजाब में एक ही रात दो अलग-अलग जिलों में हुए धमाकों के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसमें खालिस्तानी लिबरेशन आर्मी (KLA) ने जालंधर धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस पोस्टर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर का सच

वायरल हो रहे कथित पोस्टर में KLA ने दावा किया है कि यह धमाका गरुदासपुर एनकाउंटर में मारे गए रंजीत सिंह की मौत का बदला लेने के लिए किया गया था। पोस्टर में यह भी दावा किया गया है कि धमाके में 2 BSF जवान शहीद हुए हैं और 3 घायल हैं, लेकिन प्रशासन ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया है। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां पोस्टर की प्रामाणिकता की जांच कर रही हैं।

जालंधर: BSF हेडक्वार्टर के बाहर धमाका

पहला धमाका जालंधर के BSF हेडक्वार्टर के बाहर शाम करीब 7:00 से 7:30 बजे के बीच हुआ। यहाँ एक एक्टिवा स्कूटी में संदिग्ध धमाका हुआ, जिससे स्कूटी में आग लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुँचीं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि धमाके की असली वजह का पता लगाया जा सके।

अमृतसर: आर्मी कैंप के पास विस्फोटक फेंका

जालंधर की घटना के कुछ ही घंटों बाद अमृतसर के खासा में आर्मी कैंप के पास धमाका हुआ। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार नकाबपोशों ने आर्मी कैंप की बाउंड्री वॉल की तरफ कोई विस्फोटक वस्तु फेंकी और फरार हो गए। धमाका इतना जोरदार था कि वहां लगा टिन शेड गिर गया और दीवार को मामूली नुकसान पहुँचा। इस घटना में किसी भी प्रकार के जानी नुकसान की खबर नहीं है। फॉरेंसिक टीमों को मौके से लोहे के टिन जैसी वस्तु मिली है।

IED के इस्तेमाल का शक

शुरुआती जांच और सूत्रों के हवाले से खबर है कि जालंधर और अमृतसर दोनों ही जगहों पर हुए धमाकों में IED का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। अमृतसर में हुए हमले में ग्रेनेड के इस्तेमाल की भी आशंका जताई जा रही है।

बदले की कार्रवाई का एंगल

कथित पोस्टर में जिस रंजीत सिंह का जिक्र है, वह गुरदासपुर के आदिआं गांव में एक ASI और होमगार्ड की हत्या के मामले में शामिल था और पंजाब पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। आतंकी संगठन अब इसे ही आधार बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।