चंडीगढ़। पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को विदेश में छिपे एक कुख्यात गैंगस्टर के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए ‘Operation Eastern Reach’ के तहत अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम उर्फ गुरपाल सिंह को मोल्दोवा से भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस के अनुसार, आरोपी को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत प्रत्यर्पित किया गया।
पंजाब पुलिस का दावा है कि यूरोप के किसी देश से किसी आरोपी को भारत वापस लाने की यह उसकी पहली प्रत्यर्पण कार्रवाई है। इस पूरे अभियान में AGTF और OFTEC Punjab ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ-साथ विदेशी जांच एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया।
जग्गू भगवानपुरिया का बताया जा रहा मुख्य हिटमैन
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अमृतपाल सिंह कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के लिए मुख्य हिटमैन के तौर पर काम करता था। उसके खिलाफ पंजाब में अलग-अलग आपराधिक मामलों में कार्रवाई चल रही है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पर कुल 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चार मामले अदालत में ट्रायल के चरण में हैं, जबकि 17 मामलों की जांच अभी जारी है।
फर्जी पासपोर्ट के जरिए छोड़ा था भारत
जांच में सामने आया कि अमृतपाल सिंह ने अक्टूबर 2024 के अंतिम सप्ताह के दौरान फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर भारत छोड़ा था। उसके पास मौजूद पासपोर्ट में नाम ‘गुरपाल सिंह’ दर्ज था और यह पासपोर्ट चंडीगढ़ से जारी किया गया बताया गया है।
भारत से निकलने के बाद आरोपी पहले UAE पहुंचा और इसके बाद अलग-अलग देशों से होते हुए मोल्दोवा चला गया।
यूक्रेन जाने की कोशिश में मोल्दोवा में पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को मोल्दोवा के अधिकारियों ने अमृतपाल सिंह को उस समय हिरासत में लिया, जब वह ओटासी स्टेट बॉर्डर के रास्ते यूक्रेन जाने का प्रयास कर रहा था।
आरोपी के पकड़े जाने के बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया।
रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए बढ़ाया गया शिकंजा
पंजाब पुलिस ने आरोपी के फर्जी पासपोर्ट और संभावित ठिकानों से संबंधित जानकारी केंद्रीय एजेंसियों के साथ साझा की थी। उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
पुलिस के मुताबिक, इसी अंतरराष्ट्रीय समन्वय ने आरोपी तक पहुंचने और उसके प्रत्यर्पण की कार्रवाई को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
छह महीने तक चला Operation Eastern Reach
अमृतपाल सिंह को भारत वापस लाने के लिए पंजाब पुलिस की AGTF और OFTEC Punjab ने लगभग छह महीने तक इंटेलिजेंस आधारित अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ विभिन्न भारतीय और विदेशी एजेंसियों के बीच लगातार सूचनाओं का आदान-प्रदान किया गया।
इस अभियान को ‘Operation Eastern Reach’ नाम दिया गया था।
मोल्दोवा की अदालत से प्रत्यर्पण को मिली मंजूरी
आरोपी को भारत भेजने की कानूनी प्रक्रिया के दौरान मोल्दोवा की अदालत ने 26 मई 2026 को उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। इसके बाद अमृतपाल सिंह ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए अपील दायर की।
हालांकि, 16 जुलाई 2026 को Court of Appeal Centru ने उसकी अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही भारत प्रत्यर्पण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
चार सदस्यीय पुलिस टीम मोल्दोवा पहुंची
अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंजाब पुलिस की चार सदस्यीय टीम मोल्दोवा पहुंची। पुलिस के अनुसार, टीम ने 11 सितंबर 2026 को चिशिनाउ एयरपोर्ट पर आरोपी को अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद उसे ट्रांजिट रूट के जरिए भारत लाया गया।
पुलिस टीम और आरोपी के नई दिल्ली स्थित IGI एयरपोर्ट पहुंचने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
हत्या से लेकर NDPS तक कई गंभीर मामले
पुलिस रिकॉर्ड में अमृतपाल सिंह के खिलाफ कई गंभीर आपराधिक धाराओं में मामले दर्ज बताए गए हैं। इनमें हत्या, Arms Act, NDPS, जबरन वसूली, Passport Act के साथ UAPA और Explosives से संबंधित मामले शामिल हैं।
रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या के पांच, Arms Act के नौ, NDPS का एक और UAPA/Explosives से जुड़ा एक मामला दर्ज है।
इन जिलों में दर्ज हैं मामले
जांच के अधीन 17 मामलों में सबसे अधिक सात FIR बटाला से संबंधित बताई गई हैं। इसके अलावा गुरदासपुर में चार, अमृतसर कमिश्नरेट में दो, होशियारपुर में दो, लुधियाना कमिश्नरेट में एक और SSOC अमृतसर में एक मामला दर्ज है।
वहीं, ट्रायल के स्तर पर चल रहे चारों मामले बटाला से जुड़े बताए गए हैं।
पंजाब पुलिस के मुताबिक, फर्जी पहचान और पासपोर्ट के सहारे देश से बाहर निकलने के करीब दो साल बाद अमृतपाल सिंह को विदेश में पकड़ा गया। लंबे समय तक चले इंटेलिजेंस ऑपरेशन, अंतरराष्ट्रीय समन्वय और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब उसे भारत वापस लाया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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