अजय सैनी, भिवानी. भिवानी जिले में पंजाबी समाज की सांस्कृतिक पहचान, शिक्षा और सामाजिक कल्याण को लेकर हलचल तेज हो गई है। 30 मई को अरोड़ा वंश के संस्थापक अरूट महाराज की जयंती को लेकर जहां एक तरफ भिवानी में भव्य स्तर पर समारोह की तैयारियां चल रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अरोड़ा विकास मंच के नेशनल विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने समाजहित में प्रदेश सरकार और राज्यपाल के समक्ष महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। अरोड़ा विकास मंच ने पुरजोर मांग उठाई है कि 30 मई को अरोड़ वंश के संस्थापक अरूट महाराज की जयंती के अवसर पर पूरे हरियाणा प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाए।

अरोड़ा विकास मंच के नेशनल विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने कहा कि प्रभु श्री राम की आठवीं पीढ़ी के वंशज व अरोड़ वंश के संस्थापक अरूट महाराज का जीवन और उनके आदर्श पूरे समाज के लिए एक महान प्रेरणापुंज हैं। 30 मई को सरकारी तौर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित होने से ना केवल हमारी नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक जड़ों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा, बल्कि इससे समाज में आपसी समरसता, एकता और एकजुटता को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।

इसके साथ ही सुरेश अरोड़ा ने पंजाबी समुदाय की शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याओं के व्यवस्थित समाधान के लिए हरियाणा पंजाबी वेलफेयर बोर्ड के तुरंत गठन की मांग दोहराई है। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा के स्कूलों में 10वीं कक्षा तक पंजाबी विषय को अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाने का प्रावधान करने का भी आग्रह सरकार से किया। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा के स्कूलों में 10वीं कक्षा तक पंजाबी विषय को अनिवार्य किया जाता है, तो हमारे बच्चे अपनी मूल मातृभाषा, समृद्ध साहित्य और नैतिक मूल्यों से निरंतर जुड़े रहेंगे, जो आज के समय में उनके सर्वांगीण और मानसिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।


उन्होंने बताया कि भिवानी में पहली बार समस्त खत्री परिवार भिवानी द्वारा इस बार 30 मई को महाराज अरूट की जयंती बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई जा रही है। कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय कृष्णा कॉलोनी स्थित आर्य सदन में शाम 7 बजे से किया जाएगा। इस अवसर पर भव्य भजन-कीर्तन, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरक प्रसंग और समाज के लिए संदेश के साथ-साथ विशाल प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया जाएगा।