Rajasthan News: राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों और एम्बुलेंस की देरी से पहुंचने की समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने गृह विभाग से मांग की है कि 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाओं को जीपीएस आधारित लाइब लोकेशन ट्रैकिंग से जोड़ा जाए। इससे इमरजेंसी कॉल्स पर तुरंत कॉलर की लोकेशन ट्रेस हो सकेगी और एम्बुलेंस कम समय में घटनास्थल पर पहुंच सकेगी।

एनएचएम डायरेक्टर डॉ. अमित यादव ने एसीएस होम को पत्र लिखकर इसकी मांग की। उन्होंने बताया कि फिलहाल 108 और 104 कॉल सेंटर्स पर यह सुविधा नहीं होने से रिस्पॉन्स टाइम बढ़ रहा है। अभी ऑपरेटर को कॉलर से फोन पर लोकेशन पूछनी पड़ती है जो फिर एम्बुलेंस ड्राइवर को मैसेज से भेजी जाती है।
इस प्रक्रिया में कई बार लोकेशन सही से ट्रेस न होने से देरी हो जाती है, जिससे गंभीर घायलों की जान खतरे में पड़ सकती है। वहीं मोबाइल जीपीएस आधारित लाइव लोकेशन ट्रैकिंग सुविधा केवल 112 टोल-फ्री आपातकालीन नंबर पर आने वाली कॉल्स के लिए ही उपलब्ध है।
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