Rajasthan News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में शुक्रवार देर शाम कैबिनेट की एक बेहद जरूरी बैठक हुई। इस बैठक में सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जो सीधे जनता को राहत देंगे। सबसे बड़ा बदलाव पेंशन के नियमों में किया गया है। इसके अलावा, राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत करने और पानी-बिजली के संकट से निपटने के लिए मंत्रियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं।

पेंशन के नियमों में 3 बड़े बदलाव

सरकार ने पेंशन नियम (1996) में ढील देकर बुजुर्गों और दिव्यांगों की बड़ी परेशानी दूर कर दी है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बार-बार सर्टिफिकेट का झंझट खत्म: दिव्यांग बच्चों को अब हर 3 साल में विकलांगता प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें सिर्फ एक बार यह सर्टिफिकेट देना होगा। पेंशनर्स अब मोबाइल ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी से अपना सालाना जीवित प्रमाण पत्र दे सकेंगे।

इसी के साथ ही अब कोई भी नॉन-गैजेटेड ऑफिसर अपनी एसएसओ आईडी (SSO ID) से किसी पेंशनर का जीवित होने का प्रमाण पत्र जारी कर सकेगा। पहले जहां दो गैजेटेड ऑफिसर्स के दस्तखत जरूरी होते थे, अब केवल एक के साइन से काम चल जाएगा।

युवाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता

कैबिनेट की बैठक में नई इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट पॉलिसी 2026 को हरी झंडी दे दी गई है। सरकार का लक्ष्य राजस्थान को 30 लाख करोड़ रुपये की इकोनॉमी बनाना है। इस नई नीति को हर जिले के हिसाब से लागू किया जाएगा। इसमें आईटी सर्विसेज, वेयरहाउस, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) और लॉजिस्टिक को भी उद्योग का दर्जा मिला है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे सेक्टर्स को भी शामिल किया गया है, जिससे आने वाले 25 सालों तक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

पानी और बिजली को लेकर कड़े तेवर

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिजली और पानी की सप्लाई की खुद समीक्षा की। सूत्रों के मुताबिक, सीएम ने सभी मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर जमीनी हालात देखने को कहा है। लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की बात भी सामने आ रही है। पानी की किल्लत दूर करने के लिए 25 मई से 5 जून तक पूरे प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत खुद सीएम भजनलाल शर्मा भरतपुर में गंगा माता के मंदिर से करेंगे।

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