Rajasthan News: राजस्थान के जैसलमेर जिले में दो अलग-अलग दुखद घटनाओं ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पहली घटना में भारत-पाक सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान की हार्ट अटैक से मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में फलसूण्ड गांव में एक युवक की पानी भरे गड्ढे में डूबने से जान चली गई।

जैसलमेर के भारत-पाक सरहद पर तैनात BSF की 122वीं बटालियन, ईको कंपनी की रोहतास पोस्ट पर हेड कांस्टेबल अमृत सिंह (56 वर्ष) ड्यूटी पर थे। शुक्रवार देर शाम ड्यूटी से लौटने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी जवानों ने तुरंत उन्हें जैसलमेर के जवाहिर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक को मौत का कारण माना जा रहा है।
BSF अधिकारियों ने अमृत सिंह के शव को जवाहिर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और उनके परिजनों को पंजाब से जैसलमेर बुलाया गया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम कर शव उन्हें सौंपा जाएगा। BSF और स्थानीय प्रशासन ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है।
फलसूण्ड में युवक की डूबने से मौत
दूसरी घटना जैसलमेर के फलसूण्ड गांव में पोकरण सड़क मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के पास हुई। बाड़मेर जिले के खारिया तला (हाल चोखला) निवासी हरिराम अपने चाचा के साथ बिजली के सामान की सप्लाई के लिए गया था। इस दौरान वह पोकरण रोड पर पानी से भरे एक गड्ढे में नहाने गया। गड्ढे की गहराई अधिक होने के कारण उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगा।
हरिराम के चाचा ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर जुटे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युवक को गड्ढे से निकाला और फलसूण्ड के राजकीय अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मामले की जांच जारी है।
पढ़ें ये खबरें
- जिद-जुनून के पक्के सीएम डॉ. मोहन, पायलट के मना करने के बाद भी यूं पहुंचे अपनों के बीच, जानें उनके मन के भाव
- दहेज प्रताड़ना से नवविवाहिता की मौत: पति, सास-ससुर और ननद गिरफ्तार, जेठ फरार
- गोरखपुर अब भय नहीं, विकास और निवेश की नई पहचान : सीएम योगी
- थाने के बाहर कांग्रेसियों का धरना, दीपक बैज भी पहुंचे, FIR वापस लेने और BJP नेताओं पर केस दर्ज करने की मांग
- पत्रकारों पर हमले के खिलाफ बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन का आक्रोश, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग

