Rajasthan News: राजस्थान के झालावाड़ जिले के पीपलोदी गांव में हुए स्कूल हादसे ने भले ही लोगों के दिलों में दुख की अमिट छाप छोड़ी हो, लेकिन इस त्रासदी से गुजरने वाले घायल बच्चों का जज्बा हर किसी को प्रेरित कर रहा है। हादसे में घायल ये बच्चे अस्पताल के आईसीयू में भी पढ़ाई कर रहे हैं, और उनके इस हौसले को हर कोई सलाम कर रहा है। एक भावुक कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें बच्चों के चेहरों पर उस समय मुस्कान नजर आई, जब उनके परिजनों ने उन्हें किताबें और स्कूल बैग सौंपे।

हादसे के बाद भी सपनों की उड़ान
पीपलोदी स्कूल हादसे में घायल 11 बच्चों को झालावाड़ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया था, जहां कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई गई थी। हालांकि, अब उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। इन बच्चों की पढ़ाई के प्रति ललक देखते ही बनती है। हादसे का दर्द सहते हुए भी ये बच्चे किताबों के साथ भविष्य के सपने बुन रहे हैं।
मनोचिकित्सकों की काउंसलिंग से बढ़ा हौसला
शहर के लोग और प्रशासनिक अधिकारी लगातार बच्चों से मिलने अस्पताल पहुंच रहे हैं। मनोचिकित्सकों द्वारा बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है, जिससे उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। काउंसलिंग ने बच्चों के मन से हादसे के डर को कम करने में मदद की है, और उनकी पढ़ाई की इच्छा और मजबूत हुई है।
हादसे को याद करते समय बच्चों की आंखें नम हो जाती हैं, खासकर जब वे अपने उन दोस्तों को याद करते हैं जो इस हादसे में दुनिया छोड़ गए। इसके बावजूद, इन बच्चों की आंखों में पढ़-लिखकर कामयाब होने का जुनून साफ झलकता है। यह जज्बा न केवल उनके परिवारों, बल्कि पूरे समाज के लिए एक मिसाल है।
पढ़ें ये खबरें
- सीएम योगी का जन्माष्टमी दौरा: मथुरा से लेकर गोरखपुर तक, तीन शहरों में विशेष पूजा-अर्चना
- ग्लोस्टर केबल्स की तकनीकी सेमिनार श्रृंखला का समापन, रायपुर और रायगढ़ में उद्योग विशेषज्ञों ने लिया हिस्सा, साझा किए इंजीनियरिंग के गुर
- फ़िल्म “हनुमान अंश” के गायक सुनील लोधी को करेगी राज्य सरकार प्रोत्साहित: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
- उफनती नदी में उतारा ट्रक: मर्जुआ नदी के बीच बहाव में फंसा वाहन, 6 फीट गहरे पानी में तैरकर पुलिस ने 3 को बचाया
- निलंबित IPS रतनलाल डांगी के खिलाफ उत्पीड़न मामले में हाईकोर्ट सख्त, जांच अधिकारियों से एक सप्ताह में शपथपत्र में मांगा जवाब


