Rajasthan News: राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग इलाके में पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो बुजुर्गों को निशाना बनाकर अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करता था. इस गिरोह के 11 सदस्य गिरफ्तार किए गए हैं. इनके पास से 11 मोबाइल फोन और 4 फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं. ये सभी आरोपी बीते पांच महीने से फरार थे.

कैसे करते थे शिकार?
गिरोह के सदस्य पहले फर्जी महिला प्रोफाइल बनाते थे. खूबसूरत लड़की की तस्वीर लगाकर बुजुर्ग पुरुषों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे. जैसे ही दोस्ती कबूल होती, मैसेंजर पर बातचीत शुरू हो जाती. फिर ये लोग बुजुर्गों का व्हाट्सएप नंबर लेकर वीडियो कॉल करते थे. वीडियो कॉल में पहले से रिकॉर्ड की गई एक लड़की की अश्लील क्लिप चलाकर बुजुर्गों को कपड़े उतारने के लिए उकसाते थे. जिसके बाद स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर लेते. बाद में शुरू होती थी ब्लैकमेलिंग और यहीं से शुरू होती थी पैसों की वसूली.
फर्जी पुलिस बनकर डराते थे
ये सिर्फ एक स्तर की ठगी नहीं थी. अगला कदम और भी खतरनाक था. आरोपी फर्जी सिम से कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताते और धमकाते कि पीड़ित पर अश्लीलता का केस दर्ज होने वाला है. केस से बचने के लिए उन्हें बैंक खातों में पैसे डालने को कहा जाता. डर और बदनामी के डर से पीड़ित अक्सर पैसा दे देते.
दिल्ली, हरियाणा, एमपी तक फैला नेटवर्क
गिरफ्तार ठगों ने दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के हजारों लोगों को इसी तरह ब्लैकमेल किया है. पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं.
डीग पुलिस की बड़ी कार्रवाई
डीग एसपी ओमप्रकाश मीणा के नेतृत्व में 10 दिन में जिले में लगभग 200 अपराधियों को पकड़ा गया है. यह कार्रवाई डीग, कुम्हेर और आसपास के थानों की संयुक्त टीमों ने की.
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