Rajasthan Politics: राजस्थान की सियासत में एक बार फिर फोटो और बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली में कल अशोक गहलोत और सचिन पायलट की जिस मुस्कुराहट ने सुर्खियां बटोरी थीं, आज बीजेपी ने उस पर नमक छिड़क दिया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने गुरुवार को पार्टी दफ्तर में मीडिया से चर्चा करते हुए साफ कहा कि यह दोस्ती सिर्फ दिखावा है और अंदरूनी कलह अभी भी बरकरार है।

मदन राठौड़ का सीधा हमला

ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, मदन राठौड़ ने उस पुराने वाकये को याद दिलाया जिसने कभी पूरी कांग्रेस सरकार को हिला दिया था। राठौड़ ने कहा सचिन पायलट अपनी पूरी जिंदगी यह नहीं भूल सकते कि गहलोत ने उन्हें नकारा, निकम्मा और मक्कार कहा था। जिन्हें फोटो खिंचवाकर यह साबित करना पड़े कि वे साथ हैं, समझ लीजिए कि उनके बीच कितना बड़ा मतभेद है। मदन राठौड़ ने तंज कसते हुए कहा, फोटो खींच लो, फिर मत कहना साथ नहीं हैं… इसी एक लाइन में सारा दर्द और हकीकत छिपी है।

क्या था दिल्ली का वो वाकया?

दरअसल, बुधवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की बैठक थी। जैसे ही पूर्व सीएम अशोक गहलोत अपनी गाड़ी से उतरे, सचिन पायलट ने आगे बढ़कर उनसे हाथ मिलाया। इस दौरान गहलोत ने वहां मौजूद पत्रकारों से मजाकिया अंदाज में कहा था, फोटो खींच लो, फिर कहोगे कि हमारी बनती नहीं है। इसी बात को लेकर अब राजस्थान से लेकर छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

राहुल गांधी और वोट बैंक पर भी घेरा

सिर्फ गहलोत-पायलट ही नहीं, मदन राठौड़ ने राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने गहलोत के उस बयान पर हैरानी जताई जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी पहली बार एससी-एसटी और ओबीसी के बारे में बोले हैं। राठौड़ ने कहा कि इतने सालों तक कांग्रेस इन वर्गों को सिर्फ वोट बैंक समझती रही, इसीलिए आज उनके नेता खुद कह रहे हैं कि उनके राजकुमार पहली बार इन वर्गों के लिए बोले हैं।

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