भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर के सबसे व्यस्त और दुर्घटना संभावित इलाकों में से एक रसूलगढ़ से पलासुनी तक के मार्ग को जाम मुक्त करने के लिए सरकार ने दो बड़ी ढांचागत परियोजनाओं की सौगात दी है। क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलने के उद्देश्य से 6-लेन पलासुनी पुल और ओडिशा की पहली ‘स्काईवॉक’ परियोजना का शिलान्यास किया गया है। यह पूरा मार्ग लंबे समय से भीषण ट्रैफिक जाम और लगातार होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के कारण वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बना हुआ था।
3 करोड़ का फुट-ओवर ब्रिज रहा था नाकाम
परियोजनाओं की आधारशिला रखते हुए भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि पूर्व में पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाया गया 3 करोड़ रुपये का फुट-ओवर ब्रिज यहां के भारी ट्रैफिक और भीड़ को संभालने में पूरी तरह नाकाम रहा। इसी वजह से इस इलाके के लिए अधिक व्यापक और आधुनिक बुनियादी ढांचे की आवश्यकता महसूस हुई, जिसके बाद इन बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
मार्च 2027 तक पूरे होंगे दोनों प्रोजेक्ट
परियोजना की विस्तृत जानकारी देते हुए सांसद ने बताया कि केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के सहयोग से पलासुनी पुल के चौड़ीकरण और सर्विस रोड के निर्माण के लिए 23 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस पुल का काम तेजी से चल रहा है और इसे मार्च 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही, रसूलगढ़ और पलासुनी के बीच 18.42 करोड़ रुपये की लागत से 450 मीटर लंबा एक आधुनिक ‘स्काईवॉक’ बनाया जाएगा। स्टील और मजबूत शीशे से बनने वाला यह स्काईवॉक पैदल यात्रियों को बिना किसी जमीनी ट्रैफिक का सामना किए, सुरक्षित रूप से सड़क पार करने की सुविधा देगा।
अधिकारियों के अनुसार, छह लेन का यह नया पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (NH-16) पर वाहनों की आवाजाही को बेहद सुगम बनाएगा और दुर्घटनाओं के जोखिम को न्यूनतम कर देगा। भुवनेश्वर की शहरी तस्वीर को आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरे होने के बाद स्थानीय निवासियों और दैनिक यात्रियों को सुगम, सुरक्षित और जाम-मुक्त सफर का लाभ मिल सकेगा।
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