अविनाश श्रीवास्तव/ सासाराम। रोहतास जिले के डेहरी स्थित पतपुरा गांव के रहने वाले एक होनहार किशोर सनीश कुमार ने अपनी प्रतिभा से सबको आश्चर्यचकित कर दिया है। हाई स्कूल, भेड़िया के छात्र सनीश ने कबाड़ से जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए एक मिनी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर तैयार किया है। सनीश का यह आविष्कार न केवल पर्यावरण के अनुकूल है बल्कि यह खेती-बारी के छोटे-मोटे कार्यों में भी बेहद कारगर साबित हो रहा है।

​ढाई महीने की कड़ी मेहनत का परिणाम

​सनीश ने इस ट्रैक्टर को बनाने के लिए अपने आसपास मौजूद कबाड़ और बेकार पड़े सामानों का उपयोग किया। इसे तैयार करने में उसे करीब ढाई महीने का समय लगा। सबसे खास बात यह है कि ट्रैक्टर पूरी तरह से बैटरी-संचालित है और इसे सनीश ने खुद ही असेंबल किया है। एक बार फुल चार्ज होने पर यह मिनी ट्रैक्टर लगभग 50 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।

​आधुनिक सुविधाओं से लैस है ट्रैक्टर

​यह मिनी ट्रैक्टर किसी भी व्यावसायिक वाहन की तरह काम करता है। इसमें सेल्फ-स्टार्ट सिस्टम, एक्सीलरेटर, ब्रेक और हॉर्न जैसी सभी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं। जब सनीश इस ट्रैक्टर को लेकर गांव की सड़कों पर निकलते हैं तो लोग इसे देखने के लिए रुक जाते हैं। किसान पिता के बेटे सनीश ने इस ट्रैक्टर को इतना उपयोगी बनाया है कि इसमें एक छोटा हल भी जोड़ा जा सकता है। इससे खाद, बीज या फसल को खेतों तक लाने-ले जाने का काम बेहद आसान हो गया है।

​भविष्य के लिए है बड़े सपने

​सनीश की यह पहली उपलब्धि नहीं है इससे पहले भी वह इलेक्ट्रिक बाइक और मिनी थार गाड़ी जैसी चीजें बना चुका है। अब उसकी इच्छा है कि यदि उसे कोई अच्छा स्पॉन्सर या सहयोग मिल जाए तो वह अपने इन प्रोजेक्ट्स को और बड़े स्तर पर विकसित कर सके ताकि समाज और किसानों को इसका व्यापक लाभ मिल सके।
​सनीश की इस असाधारण सफलता से उनके पिता और शिक्षक बेहद खुश हैं। शिक्षकों ने उसकी प्रतिभा को सराहते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सनीश कुमार का यह नवाचार साबित करता है कि संसाधनों की कमी के बावजूद अगर इरादे बुलंद हों तो कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।