कुंदन कुमार, पटना। खान सर कोचिंग विवाद प्रकरण को लेकर जेल में बंद ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की कल नेपाल के एक होटल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। वहीं, आज सोमवार (15, जून) की सुबह कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान रौशन आनंद की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया गया। उन्हें बेल मिल गई है। जल्द ही वे अपने पैतृक गांव धमसैना (सहरसा) के लिए रवाना हो सकते हैं।

माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

बता दें कि कल देर शाम कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम के बाद देर शाम प्रिंस यादव का शव उनके पैतृक गांव सहरसा जिले के धमसैना गांव पहुंचा। प्रिंस यादव का शव गांव पहुंचते ही परिजनों और पूरे गांव में कोहराम मच गया। घर में पड़े जवान बेटे का शव देख माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों रोते-रोते बेहोश हो जा रहे हैं। वहीं, पूरे गांव में भी मातम का माहौल बना हुआ है। रात भर रौशन सर के आवास पर लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंचते रहे।

पप्पू यादव ने परिवार को बंधाया ढांढस

प्रिंस यादव के निधन पर उनके अंतिम दर्शन करने और परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव समेत पटना के कई शिक्षक धमसैना गांव पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सरकार से मामले की कड़ी जांच की मांग करते हुए दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

गिरफ्तारी के डर से नेपाल में छिपे थे प्रिंस

गौरतलब है कि पटना कोचिंग विवाद में रौशन आनंद और उनके भाई प्रिंस यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। रौशन आनंद को तो पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रिंस यादव नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में अपने कुछ साथियों के साथ छिपे हुए थे, जिनकी कल संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इस घटना के लिए लोग खान सर को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

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