नितिन नामदेव, रायपुर। नया रायपुर के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। ‘फ्रीडम थ्रू एजुकेशन’ अभियान के तहत रायपुर रेजोनेट राउंड टेबल 312 और रायपुर रेजोनेट लेडीज सर्कल 180 ने नवा रायपुर के ग्राम तर्रा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में नवनिर्मित 6 आधुनिक क्लासरूम, एक लैब और एक बाथरूम का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय पदाधिकारियों सहित देश और प्रदेश के कई वरिष्ठ सदस्य मौजूद रहे।

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ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए भवन के निर्माण से अब विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक वातावरण में अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान स्कूल परिसर में नव निर्मित भवन का लोकार्पण किया गया, जिसे लेकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर राउंड टेबल इंडिया के नेशनल प्रेसिडेंट टीआर रचित बंसल, नेशनल ट्रेजरर टीआर वीपुल भूतड़ा, एरिया चेयरमैन टीआर अमित बरड़िया तथा एरिया सेक्रेटरी टीआर रोहित बुटी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने शिक्षा को समाज के विकास का सबसे मजबूत माध्यम बताते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस तरह की पहल को आवश्यक बताया।

संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाओं का अधिकार है। इसी सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने का कार्य लगातार किया जा रहा है।

राउंड टेबल इंडिया के चेयरमैन रजत खटोर ने बताया कि संगठन देशभर में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचलों के बच्चों को बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। तर्रा स्कूल में तैयार किए गए नए क्लासरूम, लैब और अन्य सुविधाएं बच्चों की शिक्षा को नई दिशा देने में सहायक साबित होंगी।

गौरतलब है कि राउंड टेबल इंडिया (RTI) देश का एक प्रमुख गैर-लाभकारी सामाजिक संगठन है, जिसमें 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवा पेशेवर और उद्यमी जुड़े हुए हैं। संगठन लंबे समय से जमीनी स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास से जुड़े विभिन्न सामाजिक कार्यों का संचालन कर रहा है।

नए भवन के निर्माण से न केवल स्कूल की आधारभूत संरचना मजबूत हुई है, बल्कि क्षेत्र के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का रास्ता भी और अधिक सुगम हो गया है। स्थानीय पालकों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

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