रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस टेलीग्राम ऐप के फाउंडर पावेल डुरोव पर आतंकवाद में मदद करने का आरोप लगाया है. टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में इंटरनेशनल वारंट जारी किया है. रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी डाल दिया है. रूस ने दावा किया है कि टेलीग्राम ने आतंकवादी और यूक्रेनी एजेंसियों से जुड़े चैनल नहीं हटाए.
रूस ने हाल के सालों में टेलीग्राम के इस्तेमाल को सीमित करने की कई बार कोशिश की है और अपनी सरकार समर्थित ‘MAX’ मैसेजिंग सर्विस को बढ़ावा दिया है.
रूस की फेडरल सिक्योरिटी सर्विस ने टेलीग्राम पर आरोप लगाया है कि एडमिनिस्ट्रेशन ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स को नहीं हटाया गया है जिसका कथित रूप से रूस के खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है. बुधवार को टेलीग्राम के संस्थापक पावेल दुरोव के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया है.
फेडरल सिक्योरिटी सर्विस ने टेलीग्राम पर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार चेतावनी के बावजूद टेलीग्राम प्रशासन ने इन्हें हटाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियों, आतंकवादी और चरमपंथी संगठन कर रही है.
टेलीग्राम रूस के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स में से एक है. दुरोव ने इस साल की शुरुआत में बताया था कि रूसी अधिकारियों ने उनके खिलाफ झूठे आपराधिक जांच शुरू की है, जिससे कि प्राइवेसी और बोलने की आजादी के अधिकार को दबाया जा सके.
1984 में रूस में जन्मे दुरोव को ‘रूस का मार्क जकरबर्ग’ कहा जाता है. पावेल दुरोव पर नया केस दर्ज होने के बाद अब रूस में टेलीग्राम के भविष्य और इसकी सेवाओं पर पूरी तरह बैन लगने की आशंका बढ़ गई है. रूस में जन्मे पावेल दुरोव के पास अब संयुक्त अरब अमीरात और फ्रांस का पासपोर्ट है.
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