विकास कुमार, सहरसा। शिक्षा मंत्री सह सहरसा जिला के प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में आज सोमवार (14, सितंबर) को विकास भवन सभागार में जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु की गई तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा के क्रम में मंत्री मिथिलेश तिवारी ने आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों को निरंतर अद्यतन रखने तथा प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर नियमित रूप से बैठक आयोजित कर आवश्यक तैयारियों की समीक्षा करने का निर्देश दिया।
मिथिलेश तिवारी ने संवेदनशील क्षेत्रों, आवश्यक संसाधनों एवं राहत-बचाव व्यवस्था को लेकर विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक की शुरुआत पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन प्रतिवेदन की समीक्षा से हुई। इस दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों एवं उपलब्धियों की विभागवार जानकारी प्राप्त की तथा लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार की विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब पात्र लाभुकों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उनका लाभ मिले। मिथिलेश तिवारी ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब से बचने तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा एवं स्थल निरीक्षण के माध्यम से प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पथ निर्माण, विद्युत, नगर विकास सहित विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित पदाधिकारियों द्वारा विभागवार कार्यों की अद्यतन स्थिति से मंत्री मिथिलेश तिवारी को अवगत कराया गया। लंबित एवं प्राथमिकता वाले कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर विशेष बल दिया। उन्होंने आमजन से जुड़े मामलों एवं समस्याओं के त्वरित निष्पादन तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान नगर निकायों के विस्तारीकरण से संबंधित प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। साथ ही, प्रखंड स्तर पर 20 सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठकें नियमित एवं समयबद्ध रूप से आयोजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि विकास योजनाओं की प्रगति एवं जनहित से जुड़े विषयों की प्रभावी समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने जिले में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं की प्रगति एवं प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी माननीय प्रभारी मंत्री को दी। उन्होंने बैठक में प्राप्त निर्देशों के अनुपालन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए योजनाओं की नियमित एवं प्रभावी अनुश्रवण व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया।
बैठक में मिथिलेश तिवारी के अलावा, सिमरी बख्तियारपुर संजय कुमार, महिषी गौतम कृष्ण, सहरसा-मधेपुरा-सुपौल स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद सदस्य डॉ. अजय कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त गौरव कुमार सहित जिले के सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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