विकास कुमार/सहरसा। जिले के बनमा ईटहरी थाना क्षेत्र स्थित मनिया गांव में गुरुवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब तिलावे नदी के जलस्तर में 45 वर्षीय महिला मीना देवी का शव तैरता हुआ मिला। मृतका की पहचान होते ही परिजनों में कोहराम मच गया। यह घटना न केवल पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार मीना देवी बुधवार की शाम करीब 4 बजे अचानक लापता हो गई थीं। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। गुरुवार की सुबह जब ग्रामीण नदी की ओर गए, तो उन्होंने शव को देखा। सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। परिजनों का आरोप है कि मीना देवी की हत्या की गई है और इसके पीछे भूमि विवाद की पुरानी रंजिश हो सकती है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश तब फूट पड़ा जब पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई का आरोप लगा। सुबह होते ही ग्रामीणों ने सोनवर्षा महेशखुट मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी उच्चस्तरीय जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग कर रहे थे। मुख्य मार्ग बाधित होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एसडीपीओ के आश्वासन पर खुली सड़क
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। एसडीपीओ के आश्वासन के बाद करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाम को हटाया गया और यातायात बहाल हो सका।
पुलिस और एफएसएल की जांच जारी
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और एफएसएल (FSL) की टीम ने बारीकी से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया महिला के चेहरे पर चोट के गहरे निशान मिले हैं, जो संदेह पैदा करते हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि यह हत्या है या आत्महत्या, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी।
मामले की जांच सभी पहलुओं (हत्या, आत्महत्या या दुर्घटना) से की जा रही है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

