दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में तीन मंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद कई लोगों, खासकर छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटना के बाद मौके पर राहत और बचाव अभियान जारी है। दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने भी हादसे पर शोक जताया है और जरुरी निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। खुद सीएम रेखा गुप्ता भी मौके पर मौजूद हैं।
मलबे के अंदर से आया फोन और वीडियो कॉल
हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मलबे के अंदर से फोन कॉल और वीडियो कॉल आने की जानकारी सामने आई है। दिल्ली विश्वविद्यालय साउथ कैंपस की निदेशक प्रोफेसर राजनी अब्बी ने बताया कि एक फोन कॉल राहत एवं बचाव अभियान के दौरान मिली है। इसके अलावा अंदर से वीडियो कॉल आने की भी जानकारी है।
इन संपर्कों से आशंका बढ़ गई है कि मलबे के अंदर अभी और लोग फंसे हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अंदर कितने छात्र या अन्य लोग मौजूद हैं और उनकी स्थिति कैसी है।
DU प्रशासन ने कॉलेजों को दिए निर्देश
प्रोफेसर राजनी अब्बी के मुताबिक, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबंधित कॉलेजों को छात्रों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। कॉलेजों से यह पता लगाने को कहा गया है कि कितने छात्र सत्य निकेतन के संबंधित परिसर में रह रहे थे। छात्रों से अपने-अपने कॉलेजों में लौटने की अपील भी की जा रही है, ताकि प्रशासन को उनकी मौजूदगी और सुरक्षित होने की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
छात्रों को सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रोफेसर अब्बी ने कहा कि इस समय प्रशासन और बचाव दल की सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे छात्रों और अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीम लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। बताया जा रहा है कि हादसा करीब दोपहर 1:30 बजे हुआ। मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच रहे हैं और राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।
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